मध्यप्रदेश पुलिस विभाग ने पुलिस वर्दी में सोशल मीडिया उपयोग को लेकर कड़ी और स्पष्ट मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) 08 दिसंबर 2025 को जारी की है। नई SOP का उद्देश्य पुलिस वर्दी की गरिमा बनाए रखना, अनुशासन सुनिश्चित करना, विभाग की सार्वजनिक छवि को बेदाग रखना और सोशल मीडिया पर किसी भी प्रकार के दुरुपयोग को रोकना है।
— जारी sop के मुताबिक
जारी SOP के अनुसार पुलिसकर्मी अब वर्दी में गैर-आधिकारिक फोटो, वीडियो, रील, स्टोरी या पोस्ट सोशल मीडिया पर साझा नहीं कर सकेंगे। Facebook, Instagram, X (Twitter), YouTube, WhatsApp, Telegram सहित सभी डिजिटल प्लेटफॉर्म को इसमें शामिल किया गया है। SOP में “गैर-आधिकारिक सामग्री” को ऐसे फोटो, वीडियो या पोस्ट के रूप में परिभाषित किया गया है जिनका ड्यूटी या आधिकारिक कार्य से कोई सीधा संबंध न हो। पुलिस विभाग ने स्पष्ट किया है कि वर्दी में अनधिकृत रूप से बनाई गई सामग्री न केवल विभागीय अनुशासन के विपरीत है, बल्कि इससे संवेदनशील व गोपनीय सूचनाओं के लीक होने की भी आशंका रहती है। इसी कारण सख्त प्रावधानों के साथ इस SOP को लागू किया गया है।

विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देश केंद्रीय सिविल सेवा (आचरण) नियम 1964 के नियम-11, आईटी अधिनियम 2000, भारतीय न्याय संहिता, हिमाचल प्रदेश पुलिस अधिनियम 2007 तथा लागू पुलिस नियमावली के आधार पर तैयार किए गए हैं। SOP के उल्लंघन को “घोर अनुशासनहीनता” की श्रेणी में रखते हुए विभाग ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि दोषी पाए जाने पर संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ विभागीय जांच, निलंबन, वेतनवृद्धि रोकना, पदावनति या सेवा से पृथक करने जैसे कठोर दंड दिए जा सकते हैं। यदि कृत्य में आपराधिक तत्व पाए जाते हैं तो आपराधिक मुकदमा भी दर्ज किया जाएगा। पुलिस मुख्यालय ने सभी जिलों को SOP का पालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए हैं और चेतावनी दी है कि वर्दी की गरिमा और विभाग की साख से समझौता बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।




