Mp News : लंबे इंतजार के बाद 157 पुलिसकर्मियों को प्रमोशन, ASI से बने उपनिरीक्षक; नई जिम्मेदारी तय… देखें पूरी लिस्ट…

Rathore Ramshay Mardan
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उपनिरीक्षक पद पर मिली जिम्मेदारी, वरिष्ठता के आधार पर रिक्त पदों पर होगी पदस्थापना

 

भोपाल। मध्यप्रदेश पुलिस में लंबे समय से पदोन्नति की प्रतीक्षा कर रहे सहायक उप निरीक्षकों एवं कार्यवाहक उप निरीक्षकों के लिए बड़ी खबर है। पुलिस मुख्यालय भोपाल ने 157 पुलिसकर्मियों को उपनिरीक्षक पद पर पदोन्नत करने का आदेश जारी किया है। पदोन्नति जिला पुलिस बल के अंतर्गत की गई है।

जारी आदेश के मुताबिक 

पुलिस मुख्यालय के आदेश के मुताबिक, वर्ष 2025 के लोक सेवकों को सहायक उप निरीक्षक/कार्यवाहक उप निरीक्षक से उपनिरीक्षक पद पर पदोन्नति दिए जाने के बाद विभागीय पदोन्नति समिति की रिव्यू डीपीसी आयोजित की गई थी। समिति के प्रतिवेदन के आधार पर अब 157 पुलिसकर्मियों की पदोन्नति का आदेश जारी किया गया है।

वरिष्ठता के क्रम में होगी पदस्थापना

पदोन्नत पुलिसकर्मियों को उपनिरीक्षक के रिक्त पदों पर स्थापना अथवा अस्थायी रूप से आगामी आदेश तक वरिष्ठता सूची के क्रम के अनुसार पदस्थ किया जाएगा। पदोन्नति के बाद उन्हें कार्यभार ग्रहण करने की तारीख से निर्धारित वेतनमान एवं पे-मैट्रिक्स लेवल-9 का लाभ मिलेगा।

जारी सूची में प्रदेश के विभिन्न जिलों में पदस्थ सहायक उप निरीक्षक एवं कार्यवाहक उप निरीक्षकों के नाम शामिल हैं। सूची में जबलपुर, भोपाल शहर, छिंदवाड़ा, इंदौर शहर, ग्वालियर, दतिया, शिवपुरी, मुरैना, रीवा, सागर, छतरपुर सहित कई जिलों के पुलिसकर्मी शामिल हैं।

दंड या जांच वाले मामलों में रहेगी रोक

पुलिस मुख्यालय ने आदेश में स्पष्ट किया है कि यदि किसी पदोन्नत कर्मचारी के विरुद्ध निलंबन, विभागीय जांच, आपराधिक प्रकरण में अभियोजन स्वीकृति अथवा पदोन्नति नियमों के तहत अयोग्य बनाने वाली कोई स्थिति है, तो उसे कार्यमुक्त करने से पहले पुलिस मुख्यालय को इसकी जानकारी देना अनिवार्य होगा।

वहीं, पदोन्नति नियम-2025 के तहत अयोग्य ठहराने वाला दंड प्रभावशील होने की स्थिति में संबंधित कर्मचारी को पदोन्नति पर कार्यमुक्त नहीं किया जाएगा। मूलभूत प्रशिक्षण उत्तीर्ण नहीं करने वाले कर्मचारियों के संबंध में भी पुलिस मुख्यालय को अवगत कराने के निर्देश दिए गए हैं।

न्यायालय के निर्णय के अधीन रहेगी पदोन्नति

पुलिस मुख्यालय ने स्पष्ट किया है कि यह पदोन्नति सर्वोच्च न्यायालय में लंबित विशेष अनुमति याचिका क्रमांक 13954/2016 तथा सर्वोच्च न्यायालय एवं उच्च न्यायालय द्वारा भविष्य में पारित होने वाले आदेशों के अधीन रहेगी। पदोन्नत कर्मचारियों को वेतन निर्धारण के लिए मध्यप्रदेश लोकसेवा पदोन्नति नियम-2025 के नियम 13 के अनुसार आदेश प्राप्त होने की तारीख से एक माह के भीतर विकल्प प्रस्तुत करना होगा।

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