— निविदा प्रक्रिया दरकिनार, भुगतान में गड़बड़ी! शिक्षा विभाग में बड़ा प्रशासनिक एक्शन
मध्यप्रदेश के उज्जैन संभाग के आयुक्त द्वारा जारी आदेश के अनुसार देवास जिला शिक्षा अधिकारी एच.एस. भारती को गंभीर वित्तीय अनियमितताओं के चलते तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई कलेक्टर देवास के प्रतिवेदन और जिला स्तरीय जांच में सामने आई गड़बड़ियों के आधार पर की गई है।
— जारी आदेश के मुताबिक
दरअसल विभाग द्वारा जारी आदेश में उल्लेख किया गया है कि जिला शिक्षा कार्यालय देवास के विरुद्ध लगातार वित्तीय अनियमितताओं की शिकायतें मिल रही थीं, जिसके बाद जांच कराई गई। जांच में पाया गया कि विभिन्न योजनाओं के तहत प्राप्त शासकीय राशि का व्यय निर्धारित भंडार क्रय और निविदा नियमों का पालन किए बिना किया गया। 68वीं राष्ट्रीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता 2024-25 के लिए प्राप्त राशि का उपयोग भी ई-टेंडर प्रक्रिया के बिना किया गया, जिसमें परिवहन और टेंट जैसी व्यवस्थाओं पर लाखों रुपए खर्च किए गए।
वहीं शासकीय हाई स्कूल और हायर सेकेंडरी स्कूलों के अनुरक्षण कार्यों के लिए वर्ष 2023-24 और 2024-25 में करोड़ों रुपए की राशि जारी हुई, लेकिन इन कार्यों में भी निर्धारित निविदा प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया। जांच में कम्प्यूटर खरीदी, वाहन मरम्मत और अन्य खर्चों में भी नियमों की अनदेखी सामने आई, साथ ही कई भुगतानों में जीएसटी और टीडीएस की कटौती नहीं की गई।
आदेश में यह भी उल्लेख किया गया है कि परीक्षा निधि और क्रीड़ा निधि से नियमों के विपरीत व्यय किया गया तथा वर्ष 2024-25 के दौरान लगभग 28.89 लाख रुपए की राशि विभिन्न व्यक्तियों को अग्रिम रूप में दी गई, जबकि शासन स्तर पर इस प्रकार के भुगतान का कोई प्रावधान नहीं है। जांच के दौरान आवश्यक अभिलेख भी उपलब्ध नहीं कराए गए।
आयुक्त आशीष सिंह ने अपने आदेश में कहा है कि संबंधित अधिकारी द्वारा अपने पदीय दायित्वों के निर्वहन में गंभीर लापरवाही और उदासीनता बरती गई है, जो म.प्र. सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के विपरीत है। इसी आधार पर म.प्र. सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के तहत निलंबन की कार्रवाई की गई है।
निलंबन अवधि के दौरान संबंधित अधिकारी का मुख्यालय संयुक्त संचालक, लोक शिक्षण, उज्जैन संभाग रहेगा तथा उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा। साथ ही अजय मिश्रा को आगामी आदेश तक जिला शिक्षा अधिकारी का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।
आयुक्त कार्यालय ने कलेक्टर देवास को निर्देश दिए हैं कि आरोप पत्र एवं संबंधित अभिलेख 15 दिनों के भीतर प्रस्तुत किए जाएं, ताकि आगे की विभागीय कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। यह मामला सामने आने के बाद शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। देखें आदेश…


