Mp Breaking News : सीएम ने लिया संज्ञान, संतोष वर्मा पर कड़ी कार्रवाई शुरू जीएडी ने जारी किए निर्देश,बर्खास्तगी प्रस्ताव केन्द्र को भेजने की तैयारी….

Rathore Ramshay Mardan
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भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने संतोष वर्मा प्रकरण का संज्ञान लेते हुए सामान्य प्रशासन विभाग (जीएडी) को त्वरित और सख़्त कार्रवाई के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री के निर्देशों के पालन में जीएडी ने विस्तृत समीक्षा कर तीन महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। इसी क्रम में विभाग ने औपचारिक आदेश जारी करते हुए संतोष वर्मा को उनके पद से तत्काल प्रभाव से हटाने का निर्देश जारी किया।

फर्जी आदेशों से आईएएस पदोन्नति का मामला—बर्खास्तगी का प्रस्ताव केंद्र को भेजा

जांच में यह तथ्य सामने आया कि राज्य प्रशासनिक सेवा से भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के लिए पदोन्नति हेतु फर्जी और जाली आदेश तैयार किए गए थे। संतोष वर्मा के विरुद्ध विभिन्न न्यायालयों में आपराधिक प्रकरण लंबित हैं। धोखाधड़ी और जाली दस्तावेज़ों के आधार पर मिली यह पदोन्नति गलत मानी गई है। इसी के आधार पर राज्य शासन ने उन्हें आईएएस से बर्खास्त करने का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजने का निर्णय लिया है।

विभागीय जांच अंतिम चरण में, जवाब असंतोषजनक—चार्जशीट होगी जारी

जाली दस्तावेज़ों से संनिष्ठा प्रमाण पत्र प्राप्त करने के आरोपों की विभागीय जांच अंतिम स्तर पर है। वर्मा को दिए गए कारण बताओ सूचना पत्र का जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया। साथ ही उनके द्वारा लगातार मर्यादाविहीन वक्तव्य देने की शिकायतों को गंभीर माना गया है। जीएडी ने निर्णय लिया है कि संतोष वर्मा को चार्जशीट जारी की जाएगी।

उप सचिव पद से हटाकर जीएडी पूल में भेजा गया—आदेश जारी

मध्यप्रदेश शासन, सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा 11 दिसंबर 2025 को जारी आदेश क्रमांक ई-1/180/2025/5/एक के अनुसार संतोष कुमार वर्मा (भाप्रसे 2012) को किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग में उप सचिव पद से तत्काल प्रभाव से हटाया गया है। उन्हें “पदस्थापना हेतु प्रतीक्षारत (जीएडी पूल)” के रूप में रखा गया है। आदेश में स्पष्ट उल्लेख है कि वर्मा को शासन स्तर से एकपक्षीय रूप से कार्यमुक्त किया जाता है।

                               विभाग द्वारा जारी आदेश

प्रतिलिपि विभिन्न उच्च कार्यालयों को प्रेषित

आदेश की प्रतिलिपि भारत सरकार के कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग, राज्यपाल सचिवालय, मुख्यमंत्री सचिवालय, सामान्य प्रशासन विभाग, कृषि विभाग, महालेखाकार कार्यालय तथा संबंधित अधिकारी सहित कुल 11 संस्थानों को भेजी गई है। राज्य शासन ने स्पष्ट किया है कि अनुशासनहीनता व दस्तावेज़ीय धोखाधड़ी पर किसी भी प्रकार की रियायत नहीं दी जाएगी और प्रशासनिक सेवा की गरिमा बनाए रखने हेतु कठोरतम कदम उठाए जाएंगे।

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