Mp Breaking News : दूषित पेयजल से रजोला में बीमारी फैलने पर कार्रवाई — लापरवाह उपयंत्री निलंबित, सहायक यंत्री को नोटिस जारी….

Rathore Ramshay Mardan
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मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा जिले के अमरवाड़ा विकासखंड अंतर्गत ग्राम रजोला में दूषित पेयजल से बीमारी फैलने के मामले में प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। कलेक्टर नारायण ने जांच में लापरवाही पाए जाने पर लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की है। कलेक्टर ने सहायक यंत्री एन.के. चौधरी को कारण बताओ नोटिस जारी किया है, वहीं उपयंत्री श्रीमती प्रतीक्षा उईके को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।

जानकारी के अनुसार, 14 अक्टूबर 2025 को ग्राम रजोला में दूषित पेयजल के कारण बड़ी संख्या में ग्रामीण बीमार पड़ गए थे। कलेक्टर द्वारा किए गए निरीक्षण में यह पाया गया कि गांव की नलजल योजना के लिए खनन किए गए नवीन सफल नलकूप को पेयजल वितरण प्रणाली से जोड़ने और योजना को चालू करने की जिम्मेदारी सहायक यंत्री चौधरी और उपयंत्री श्रीमती उईके की थी। लेकिन दोनों अधिकारियों द्वारा यह कार्य समय पर नहीं किया गया।

इस लापरवाही के कारण ग्रामवासियों को कुएं और अन्य दूषित जल स्रोतों से पानी पीना पड़ा, जिससे बीमारी फैलने की स्थिति उत्पन्न हुई। उपयंत्री से इस संबंध में कारण बताओ नोटिस का जवाब मांगा गया था, लेकिन उनका जवाब असंतोषजनक पाया गया। इसके बाद कलेक्टर ने तत्काल प्रभाव से उपयंत्री श्रीमती उईके को निलंबित करने के आदेश दिए हैं।

निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय अधीक्षण यंत्री, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, मंडल छिंदवाड़ा रहेगा। कलेक्टर ने बताया कि सहायक यंत्री चौधरी का यह आचरण उनके पदीय कर्तव्यों के प्रति घोर लापरवाही, कर्तव्यविमुखता और शासन के महत्वपूर्ण कार्यक्रमों के प्रति उदासीनता को दर्शाता है, जो कि मध्यप्रदेश सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के नियम-3 का उल्लंघन है। इस आधार पर उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।

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