डिंडौरी। जिले के किसानों की गंभीर समस्याओं को लेकर भारतीय किसान संघ डिंडौरी ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन तहसीलदार शहपुरा सुंदरलाल यादव को सौंपा। ज्ञापन में किसानों ने बताया कि जनजातीय जिला डिंडौरी में धान की कुल रकबा 1,31,107 हेक्टेयर है, जिसमें मात्र 41,040 हेक्टेयर क्षेत्र का ही धान पंजीयन हुआ है। जबकि शेष 90,067 हेक्टेयर भूमि का पंजीयन अभी बाकी है। किसानों की कृषि भूमि की गिरदावरी न होने और राजस्व खसरे में फसल प्रविष्टि न होने के कारण बड़ी संख्या में किसान धान विक्रय पंजीयन से वंचित रह गए हैं। किसान संघ ने कहा कि यदि गिरदावरी की त्रुटियों का शीघ्र समाधान नहीं किया गया तो किसानों को मजबूरीवश अपनी उपज लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचना पड़ेगा। संघ ने मांग की कि धान पंजीयन की अंतिम तिथि बढ़ाई जाए और गिरदावरी के अनुसार राजस्व अभिलेखों में प्रविष्टि कर किसानों को पंजीयन का अवसर दिया जाए।
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि कई पटवारियों एवं सर्वे अधिकारियों ने मिथ्या रिपोर्ट तैयार कर राजस्व विभाग में प्रस्तुत की है, जिसके चलते विभाग द्वारा 100 प्रतिशत गिरदावरी पूरी होने की झूठी जानकारी दी जा रही है। किसान संघ ने दोषी कर्मचारियों के खिलाफ जांच कर सख्त कार्रवाई की मांग की है। इसके अलावा, किसानों ने गौशाला निर्माण कार्य का भुगतान शीघ्र जारी करने की भी मांग की। महात्मा गांधी रोजगार गारंटी योजना के अंतर्गत स्वीकृत गौशालाओं का निर्माण किसानों द्वारा पूर्ण कर लिया गया है, परंतु सामग्री आपूर्तिकर्ताओं और किसानों को अब तक भुगतान नहीं मिल पाया है, जिससे वे परेशान हैं।
किसान संघ ने यूरिया और डीएपी खाद की कालाबाजारी का मुद्दा भी उठाया। किसानों का कहना है कि बाजारों में खाद तीन गुना दर पर खुलेआम बेची जा रही है। शिकायतों के बावजूद विभाग ने आज तक कोई कार्रवाई नहीं की, जिससे किसानों में आक्रोश है। किसान संघ ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र कार्यवाही नहीं हुई तो आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे। ज्ञापन सौंपते समय भारतीय किसान संघ जिलाध्यक्ष बिहारी लाल साहू, जिला उपाध्यक्ष एडवोकेट विनय कुमार झारिया, तहसील अध्यक्ष प्रमोद कुमार मौर्य, मीडिया प्रभारी बसंत उद्दे, मटरू दादा, नरेश साहू, संतोष झारिया सहित अनेक किसान मौजूद रहे।





