— बजट 2026-27 : पंचायत विभाग को मजबूत बनाने के लिए करोड़ों के प्रावधान, गांवों के विकास को मिलेगी नई गति
भोपाल। मध्यप्रदेश शासन द्वारा प्रस्तुत बजट वर्ष 2026-27 में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग को सशक्त बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की गई हैं। सरकार ने ग्रामीण स्तर पर प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने, जनप्रतिनिधियों को सशक्त करने और गांवों में विकास कार्यों को गति देने के उद्देश्य से अलग-अलग मदों में बड़े पैमाने पर बजट प्रावधान किए हैं।
जारी बजट के अनुसार ग्राम पंचायतों की सचिवीय व्यवस्था को मजबूत करने के लिए 518 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इससे पंचायतों में प्रशासनिक कार्यों की दक्षता बढ़ेगी और योजनाओं का क्रियान्वयन अधिक प्रभावी तरीके से हो सकेगा। ग्रामीण क्षेत्रों में लंबे समय से सचिवीय व्यवस्था में सुधार की मांग उठती रही है, जिसे इस बजट में प्राथमिकता दी गई है।
पंचायत पदाधिकारियों के मानदेय एवं सुविधाओं के लिए 265 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं। इस निर्णय से सरपंच, सचिव और अन्य जनप्रतिनिधियों को आर्थिक रूप से मजबूती मिलेगी, जिससे वे अपने दायित्वों का निर्वहन अधिक सक्रियता और जिम्मेदारी के साथ कर सकेंगे।
वहीं पंचायत राज के शासकीय अमले की स्थापना के लिए 249 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इससे पंचायत स्तर पर स्थायी प्रशासनिक ढांचा विकसित होगा और योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता एवं गति आएगी। यह कदम ग्रामीण प्रशासन को व्यवस्थित और जवाबदेह बनाने की दिशा में अहम माना जा रहा है।
इसके अलावा ग्राम स्वराज अभियान के लिए 207 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया है। इस अभियान के तहत गांवों में स्वावलंबन, आधारभूत सुविधाओं का विकास और स्थानीय संसाधनों के बेहतर उपयोग पर जोर दिया जाएगा। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
जानकारों का मानना है कि इन प्रावधानों से न केवल पंचायत व्यवस्था सुदृढ़ होगी, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार, आधारभूत सुविधाओं और सामाजिक विकास के नए अवसर भी पैदा होंगे। सरकार का यह बजट ग्रामीण विकास को केंद्र में रखकर तैयार किया गया है, जो प्रदेश के समग्र विकास में अहम भूमिका निभा सकता है।
कुल मिलाकर बजट 2026-27 में पंचायत विभाग को दी गई प्राथमिकता यह दर्शाती है कि राज्य सरकार गांवों के विकास, प्रशासनिक सुदृढ़ीकरण और जनभागीदारी को बढ़ावा देने के लिए गंभीर प्रयास कर रही है। आने वाले समय में इन योजनाओं के प्रभाव से ग्रामीण क्षेत्रों में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकता है।
