मध्यप्रदेश के डिंडौरी जिले में जनपद पंचायत डिंडौरी के एक फोटो कॉपी व कंप्यूटर सेंटर संचालक समेत संबंधित फर्मों को कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया है। आरोप है कि वर्ष 2020-21 से 2025-26 के बीच पंचायत दर्पण और ई-ग्राम स्वराज पोर्टल के माध्यम से करीब ₹1,19,33,234 के बिल लगाए गए, जिनमें गंभीर अनियमितताएं पाई गई हैं।
जांच में सामने आया कि अधिकांश बिलों पर जीएसटी नंबर नहीं है और फोटो कॉपी की दुकान से निर्माण कार्यों के बिल लगाए गए। कई बिल जानबूझकर धुंधले व अपठनीय अपलोड किए गए हैं। प्रथम दृष्टया इसे फर्जी बिल लगाकर शासन को वित्तीय क्षति पहुंचाने का मामला माना जा रहा है।
जनपद पंचायत ने फर्म को 3 दिन के भीतर व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर पंचायतवार आपूर्ति विवरण, जीएसटी रिटर्न, खरीदी के पक्के बिल, भुगतान का माध्यम, इनपुट टैक्स क्रेडिट, वर्क ऑर्डर और टेंडर दस्तावेज प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
निर्धारित समय में जवाब और दस्तावेज प्रस्तुत न करने पर मामला वाणिज्य कर एवं जीएसटी विभाग को भेजा जाएगा और स्थानीय थाने में प्राथमिकी दर्ज कराने सहित विधिक कार्रवाई की जाएगी।


