भोपाल। अध्यापक शिक्षक संयुक्त मोर्चा के प्रांतीय आह्वान पर 18 अप्रैल को राजधानी भोपाल में प्रदेशभर से आए एक लाख से अधिक शिक्षकों ने टीईटी परीक्षा के विरोध में जोरदार प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में एकत्रित शिक्षकों ने अपनी जायज़ मांगों के समर्थन में आवाज बुलंद करते हुए स्पष्ट कहा कि उनका संघर्ष अभी समाप्त नहीं हुआ है।

संभागीय अध्यक्ष द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, मध्यप्रदेश सरकार ने शिक्षकों के हित में सुप्रीम कोर्ट में रिव्यू पिटीशन दायर कर कार्यरत शिक्षकों को टीईटी परीक्षा से छूट देने का निवेदन किया है। इसके साथ ही मोर्चा ने मांग की है कि डीपीआई और आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग द्वारा जारी टीईटी परीक्षा से संबंधित आदेश को तत्काल निरस्त किया जाए।
मोर्चा ने आगे कहा कि राज्य सरकार केंद्र सरकार से आग्रह करे कि संविधान में 132वां संशोधन विधेयक लाकर देशभर के लगभग 52 लाख शिक्षकों के हित में ठोस निर्णय लिया जाए। अध्यापक शिक्षक संयुक्त मोर्चा के प्रांतीय प्रतिनिधिमंडल ने सरकार को 14 जून 2026 तक मांगों के समाधान का अल्टीमेटम दिया है। यदि तय समयसीमा तक समाधान नहीं होता है, तो 15 जून 2026 से आंदोलन को और तेज किया जाएगा। इसके तहत प्रदेश के सभी स्कूलों में तालाबंदी कर धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।
मोर्चा ने चेतावनी दी है कि आवश्यकता पड़ने पर दिल्ली के रामलीला मैदान में विशाल महारैली आयोजित की जाएगी और आमरण अनशन जैसे कदम भी उठाए जाएंगे। साथ ही सभी शिक्षकों से एकजुट होकर अपनी नौकरी बचाने के लिए संघर्ष में शामिल होने और भविष्य के बड़े आंदोलन के लिए तैयार रहने का आह्वान किया गया है।
