— 6–8 के शिक्षकों के विषयवार प्रशिक्षण का भुगतान आदेश जारी, 15 दिन में निपटान के निर्देश
भोपाल। राज्य शिक्षा केन्द्र, भोपाल ने सत्र 2025-26 के अंतर्गत माध्यमिक शिक्षकों (कक्षा 6–8) के विषयवार प्रशिक्षण की विकासखंडवार व्यय सीमा को लेकर विस्तृत आदेश जारी किया है। यह आदेश राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP-2020) और राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा (NCF-SE) के अनुरूप कक्षा 6 की गणित, विज्ञान और सामाजिक विज्ञान की नवीन NCERT पुस्तकों पर आधारित प्रशिक्षण से संबंधित है।
राज्य शिक्षा केन्द्र के अनुसार कक्षा 6 पढ़ाने वाले शिक्षकों के लिए गणित, विज्ञान और सामाजिक विज्ञान विषयों का दो दिवसीय प्रशिक्षण राज्य स्तर पर मास्टर ट्रेनर्स के माध्यम से 12 जून से 3 जुलाई 2025 तक तथा विकासखंड स्तर पर 23 जून से 10 जुलाई 2025 के बीच आठ चरणों में आयोजित किया गया था। प्रशिक्षण के दौरान कुछ जिलों में वर्षा और विद्युत आपूर्ति बाधित होने के कारण ऑनलाइन प्री-टेस्ट और पोस्ट-टेस्ट नहीं हो पाए थे। इस स्थिति को ध्यान में रखते हुए जिलों से प्राप्त जानकारी के आधार पर rskmp.in पोर्टल की सूची में आवश्यक संशोधन कर व्यय सीमा तय की गई है।
आदेश के अनुसार दो दिवसीय प्रशिक्षण में पूर्ण उपस्थिति पर प्रत्येक शिक्षक को भोजन मद में 120 रुपये तथा पात्रतानुसार यात्रा भत्ता (TA) के रूप में 120 रुपये, कुल 240 रुपये सीधे बैंक खाते में भुगतान किए जाएंगे। इसके अतिरिक्त प्रशिक्षण प्रबंधन के लिए प्रति बैच 4,800 रुपये, स्टेशनरी एवं टीएलएम हेतु अधिकतम 100 रुपये प्रति व्यक्ति, एलसीडी प्रोजेक्टर के लिए 3,200 रुपये प्रति बैच तथा राज्य स्तरीय मास्टर ट्रेनर्स के लिए औसतन 3,000 रुपये प्रति व्यक्ति टीए/डीए निर्धारित किया गया है।
शिक्षकों को भुगतान उनकी उपस्थिति और प्री-टेस्ट/पोस्ट-टेस्ट के आधार पर किया जाएगा। जिन प्रशिक्षणार्थियों की उपस्थिति 75 प्रतिशत से कम होगी, उन्हें किसी प्रकार का भुगतान नहीं किया जाएगा। वहीं, भुगतान की प्रक्रिया पत्र जारी होने की तारीख से 15 दिवस के भीतर पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं।राज्य शिक्षा केन्द्र ने स्पष्ट किया है कि भुगतान से पूर्व बीआरसीसी को कार्यालीन रिकॉर्ड का मिलान कर जिला परियोजना समन्वयक से सत्यापन कराना अनिवार्य होगा। यदि किसी शिक्षक को पूर्व में भुगतान हो चुका है तो दोबारा भुगतान नहीं किया जाएगा। समय सीमा में भुगतान न होने की स्थिति में जिला परियोजना समन्वयक और विकासखंड स्त्रोत समन्वयक जिम्मेदार माने जाएंगे।


