— शिक्षकों ने उठाई आवाज, TET आदेश वापस नहीं हुआ तो आंदोलन के संकेत
डिंडौरी। जिले के शासकीय शिक्षक संगठन ने TET परीक्षा के विरोध में मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपते हुए लोकशिक्षण संचालनालय द्वारा जारी आदेश को वापस लेने की मांग की है। यह ज्ञापन करंजिया जनपद अध्यक्ष के शपथग्रहण समारोह में पहुंचे पूर्व केबिनेट मंत्री एवं शहपुरा विधायक ओमप्रकाश धुर्वे को सौंपा गया।
शासकीय शिक्षक संगठन के जिला अध्यक्ष रामकुमार गर्ग के नेतृत्व में शिक्षकों ने ज्ञापन सौंपते हुए कहा कि लोकशिक्षण संचालनालय, भोपाल द्वारा 2 मार्च 2026 को जारी आदेश के तहत वर्षों से कार्यरत शिक्षकों के लिए TET परीक्षा अनिवार्य किए जाने से प्रदेशभर के शिक्षकों में भय और रोष का माहौल है। संगठन का कहना है कि इस आदेश को जारी करने से पहले राज्य सरकार के मंत्रिमंडल या सचिवालय स्तर पर पर्याप्त विचार-विमर्श नहीं किया गया।
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि प्रदेश के शिक्षक शिक्षाकर्मी और संविदा शिक्षक के रूप में नियुक्त हुए थे और उनकी नियुक्ति के समय सेवा शर्तों में TET परीक्षा उत्तीर्ण करना अनिवार्य नहीं था। शिक्षकों का तर्क है कि सेवा में आने के बाद नई शर्तें लागू करना न्यायोचित नहीं है।
शिक्षक संगठन ने मांग की है कि राज्य सरकार इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया में पुनर्विचार याचिका दायर करे और संचालक लोकशिक्षण द्वारा जारी शिक्षक विरोधी आदेश को जल्द वापस लिया जाए। इस अवसर पर श्यामलाल विश्वकर्मा सहित सैकड़ों शिक्षक मौजूद रहे। पूर्व केबिनेट मंत्री ओमप्रकाश धुर्वे ने शिक्षकों को आश्वस्त किया कि वे मुख्यमंत्री से भेंट कर इस मुद्दे के समाधान के लिए प्रयास करेंगे।




