डिंडौरी। कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में जिला खनिज प्रतिष्ठान की कार्यपालिका समिति एवं न्यास मंडल की संयुक्त बैठक संपन्न हुई। बैठक में पूर्व वित्तीय वर्षों में स्वीकृत कार्यों की समीक्षा की गई तथा नए वित्तीय वर्ष 2025-26 की कार्ययोजना को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। खनन प्रभावित क्षेत्रों के समग्र विकास, वित्तीय ऑडिट रिपोर्ट के अनुमोदन और आगामी योजनाओं पर विचार-विमर्श किया गया।
बैठक में जानकारी दी गई कि 31 मार्च 2025 की स्थिति में जिला खनिज प्रतिष्ठान मद में कुल 71,49,908 रुपये की राशि उपलब्ध है। नियमों के अनुसार इस राशि का 60 प्रतिशत उच्च प्राथमिकता वाले क्षेत्रों जैसे पेयजल प्रदाय, पर्यावरण संरक्षण, स्वास्थ्य, शिक्षा, महिला एवं बाल कल्याण तथा कौशल विकास पर व्यय किया जाएगा। शेष 40 प्रतिशत राशि भौतिक अधोसंरचना, सिंचाई और ऊर्जा विकास जैसे अन्य प्राथमिक क्षेत्रों के लिए सुरक्षित रखी गई है। विगत वर्षों की प्रगति पर चर्चा करते हुए कलेक्टर ने संबंधित विभागों को कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए।
वित्तीय वर्ष 2023-24 के दौरान 56.59 लाख रुपये प्राप्त हुए, जिससे पुराने केंद्रीय विद्यालय में कोचिंग क्लासेस का संचालन, विभिन्न विकासखंडों के स्कूलों में नलकूप खनन तथा आदिवासी छात्रावासों में खेल सामग्री वितरण जैसे जनहितैषी कार्य किए जा रहे हैं।
बैठक में डीएमएफ भाग-ख के अंतर्गत जनजातीय ग्रामों में देवालयों के समीप जन-सुविधाएं विकसित करने हेतु 26 लाख रुपये के कार्यों पर चर्चा हुई। साथ ही पशुपालन एवं डेयरी विभाग द्वारा विभागीय भवनों के निर्माण हेतु प्रस्तुत 420 लाख रुपये के बड़े प्रस्ताव पर भी विचार-विमर्श किया गया।
कलेक्टर ने खनिज अधिकारी को निर्देश दिए कि बैठक के पूर्व सभी संबंधित अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों को पीपीटी फोल्डर की सूचना दी जाए, ताकि अधिकारी अपने कार्यों की प्रगति प्रस्तुत कर सकें। बैठक में कलेक्टर एवं जनप्रतिनिधियों की सर्वसम्मति से आगामी बजट में नर्मदा नदी से मुड़की-शहडोल मार्ग निर्माण, आयुर्वेदिक महाविद्यालय, डिंडौरी-शहपुरा विधानसभा क्षेत्र में आवश्यक विकास कार्य, मॉडल कॉलेज अमरपुर हेतु पहुंच मार्ग, बिलाईखार से बिगईटोला हिरौंदी नदी पर पुलिया निर्माण, इमली कुटी डेम की ऊंचाई बढ़ाने, लक्ष्मण मढ़वा में रपटा पुल निर्माण, बैडमिंटन हॉल की आवश्यकता, आंगनवाड़ी, विद्यालय व लाइब्रेरी में पुस्तक उपलब्ध कराने तथा किसानों को सिंचाई हेतु सोलर पम्प उपलब्ध कराने पर चर्चा की गई। इमली कुटी डेम की ऊंचाई बढ़ने से पानी का भराव बढ़ेगा और आसपास की जमीन में जलस्तर भी ऊपर आएगा, जिससे क्षेत्र को लाभ मिलेगा।
बैठक के दौरान महिला बाल विकास अधिकारी, जनजातीय कार्य विभाग, शिक्षा विभाग, विद्युत विभाग, पशुपालन एवं डेयरी विभाग, स्वास्थ्य विभाग, कृषि विभाग, खनिज विभाग, पीएचई, लोक निर्माण विभाग, नगर परिषद डिंडौरी-शहपुरा, जल संसाधन विभाग सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी कर्मचारी उपस्थित रहे।
