— 8 से 10 सितंबर तक तीन दिवसीय प्रशिक्षण एवं फील्ड विजिट, जल संरक्षण से लेकर बाजार और एफपीओ से जुड़ने की दी जाएगी जानकारी
डिंडौरी। बदलती जलवायु परिस्थितियों और मौसम की अनिश्चितताओं के बीच किसानों को आधुनिक एवं टिकाऊ कृषि तकनीकों की जानकारी देने के उद्देश्य से डिंडौरी में तीन दिवसीय किसान फील्ड विजिट एवं व्यावहारिक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। ग्रामीण विकास सेवा समिति (GVSS) एवं सस्टेनेबल डेवलपमेंट फाउंडेशन (SDF) के संयुक्त तत्वावधान में यह कार्यक्रम 8 से 10 सितंबर तक आयोजित होगा।
कार्यक्रम “इंटीग्रेटेड क्लाइमेट अडॉप्टेशन प्रोग्राम फॉर स्मॉल एंड मार्जिनल फार्मर्स” के तहत छोटे एवं सीमांत किसानों के लिए आयोजित किया जा रहा है। प्रशिक्षण के दौरान किसानों को जलवायु परिवर्तन के प्रभावों से निपटने के साथ कृषि को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाने की व्यावहारिक जानकारी दी जाएगी।
प्रशिक्षण में जल संरक्षण, मृदा स्वास्थ्य, जलवायु-अनुकूल कृषि तकनीक, फसल विविधीकरण, कीट एवं रोग प्रबंधन तथा टिकाऊ कृषि पद्धतियों पर विशेषज्ञों द्वारा जानकारी दी जाएगी। इसके साथ ही कृषि लागत कम करने, बेहतर उत्पादन हासिल करने और किसानों को बाजार से जोड़ने के उपाय भी बताए जाएंगे। किसान समूहों एवं एफपीओ के माध्यम से सामूहिक रूप से कृषि उत्पादों के बेहतर विपणन की संभावनाओं पर भी चर्चा होगी।
आयोजकों के अनुसार कार्यक्रम का शुभारंभ 8 सितंबर को सुबह 9:30 बजे होगा। उद्घाटन कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, कृषि विभाग के अधिकारियों, कृषि विशेषज्ञों, कृषि विज्ञान केंद्र (KVK) के प्रतिनिधियों सहित किसान शामिल होंगे।
कार्यक्रम का आयोजन अमरपुर रोड, वार्ड नंबर 15, मंडला बस स्टैंड के पास, पुरानी डिंडौरी में किया जाएगा। तीन दिनों के दौरान किसानों के लिए फील्ड विजिट के साथ व्यावहारिक प्रशिक्षण गतिविधियां भी आयोजित की जाएंगी।
डिंडौरी जैसे कृषि प्रधान जिले में बारिश और मौसम की अनिश्चितता का खेती पर सीधा असर पड़ता है। ऐसे में जलवायु-अनुकूल खेती, फसल विविधीकरण और कम लागत वाली तकनीकों की जानकारी किसानों के लिए उपयोगी साबित हो सकती है। आयोजकों का कहना है कि प्रशिक्षण का उद्देश्य किसानों को बदलती जलवायु परिस्थितियों के अनुरूप खेती के नए तरीकों से परिचित कराकर उनकी उत्पादन क्षमता और आय बढ़ाने की दिशा में सहयोग करना है।
