— सिंगारसत्ती पंचायत में 25 पात्र हितग्राहियों का सर्वे-सत्यापन नहीं कराने का मामला, आवास के लाभ से हुए वंचित
डिंडौरी। प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के सर्वे एवं पात्रता सूची में पात्र हितग्राहियों के नाम शामिल नहीं किए जाने के मामले में जिला पंचायत डिंडौरी ने सख्त रुख अपनाया है। ग्राम पंचायत सिंगारसत्ती में वर्ष 2024-25 के आवास सर्वे कार्य में कथित लापरवाही सामने आने के बाद ग्राम पंचायत सचिव गणेश यादव तथा पंचायत समन्वय अधिकारी/विकासखंड समन्वयक (पीएमएवाई-जी) विधान परस्ते को कारण बताओ सूचना पत्र जारी किए गए हैं।
जिला पंचायत द्वारा जारी नोटिस के अनुसार, 27 अगस्त 2026 को ग्राम पंचायत सिंगारसत्ती में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत आवास सर्वे एवं पात्रता सूची में नाम नहीं होने से संबंधित खबर सोशल मीडिया पर सामने आई थी। इसके बाद ग्राम पंचायत सिंगारसत्ती में जांच कराई गई। जांच के दौरान संबंधित अधिकारियों को बुलाया गया, लेकिन नोटिस के अनुसार सचिव गणेश यादव जांच के दौरान उपस्थित नहीं हुए।
— 25 पात्र हितग्राही मिले, सर्वे नहीं होने का खुलासा
जांच में वर्ष 2024-25 के सर्वे कार्य में लापरवाही बरतने का मामला सामने आया। जांच के दौरान रामदेव धुर्वे पिता लामू सिंह, सावन नंदा पिता चमरू नंदा, फूल सिंह पिता पंडा बैरागी, तेजू धुर्वे पिता ओम सिंह सहित अन्य पात्र हितग्राहियों को मिलाकर कुल 25 हितग्राही पात्र पाए गए। जिला पंचायत के नोटिस में कहा गया है कि इन हितग्राहियों का सर्वे/सत्यापन नहीं किया गया, जिसके कारण पात्र होने के बावजूद उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभ से वंचित रहना पड़ा।
जांच प्रतिवेदन में यह भी उल्लेख किया गया है कि वर्तमान में भारत सरकार द्वारा आवास सर्वे पोर्टल बंद कर दिया गया है। इसके चलते छूटे हुए पात्र हितग्राहियों का सर्वे एवं सत्यापन कराया जाना संभव नहीं हो पा रहा है।
— सचिव पर कर्तव्यों के प्रति उदासीनता का आरोप
ग्राम पंचायत सचिव गणेश यादव को जारी नोटिस में कहा गया है कि उक्त स्थिति उनके पदीय दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही एवं कर्तव्य के प्रति उदासीनता को प्रदर्शित करती है। नोटिस में इसे मध्यप्रदेश पंचायत सेवा आचरण नियम 1998 के नियम 3 के उल्लंघन की श्रेणी में माना गया है।
जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने सचिव से मध्यप्रदेश पंचायत सेवा (अनुशासन एवं अपील) नियम 1999 के नियम-4 के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई क्यों न की जाए, इस संबंध में तीन दिवस के भीतर अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने को कहा है। नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि निर्धारित अवधि में जवाब प्रस्तुत नहीं करने की स्थिति में एकपक्षीय कार्रवाई की जाएगी, जिसकी जिम्मेदारी संबंधित कर्मचारी की होगी।
— पीएमएवाई-जी समन्वयक से भी मांगा जवाब
इसी मामले में पंचायत समन्वय अधिकारी/विकासखंड समन्वयक (पीएमएवाई-जी) विधान परस्ते को भी कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया गया है। नोटिस में कहा गया है कि जांच में 25 पात्र हितग्राही पाए गए, लेकिन उनका सर्वे नहीं किया गया। जिला पंचायत ने इसे आवास योजना के कार्यों की समय-समय पर सतत मॉनिटरिंग नहीं किए जाने से जोड़ते हुए संबंधित अधिकारी से जवाब मांगा है।
नोटिस में वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा दिए गए आदेश/निर्देशों की अनदेखी कर पदीय दायित्वों का समुचित निर्वहन नहीं किए जाने का उल्लेख करते हुए इसे मध्यप्रदेश सिविल सेवा संबंधी अनुशासनात्मक प्रावधानों का उल्लंघन बताया गया है। संबंधित अधिकारी को भी तीन दिवस के भीतर समक्ष उपस्थित होकर स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
जिला पंचायत के इस कदम के बाद प्रधानमंत्री आवास योजना के सर्वे में छूटे पात्र हितग्राहियों के मामले ने तूल पकड़ लिया है। अब संबंधित अधिकारियों के स्पष्टीकरण और उसके आधार पर होने वाली आगामी कार्रवाई पर नजर रहेगी। प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण का आधिकारिक पोर्टल भी योजना की जानकारी एवं प्रगति से संबंधित विवरण उपलब्ध कराता है।



