डिंडौरी। शहर की स्वच्छता, सुंदरता, यातायात व्यवस्था और शासकीय भूमि को अतिक्रमणमुक्त रखने के लिए नगर परिषद ने सख्ती शुरू कर दी है। कलेक्टर अंजू पवन भादौरिया के निर्देश पर नगर परिषद द्वारा शहर के विभिन्न क्षेत्रों का निरीक्षण कर सड़क एवं सार्वजनिक स्थानों पर अव्यवस्थित रूप से रखी सामग्री को हटाने के निर्देश दिए जा रहे हैं।
इसी क्रम में वार्ड क्रमांक 01 के मुख्य मार्ग पर सड़क किनारे फैले कबाड़ को निर्धारित सीमा के भीतर पीछे कर व्यवस्थित करने और टीन शेड की दीवार बनाकर उसे ढकने के निर्देश संबंधित व्यक्ति को दिए गए। परिषद ने स्पष्ट किया कि मुख्य मार्ग या सार्वजनिक सड़क पर कबाड़, निर्माण सामग्री, वाहन अथवा अन्य सामान इस तरह नहीं रखा जा सकता, जिससे आम नागरिकों के आवागमन में बाधा उत्पन्न हो।
— निर्देश नहीं माने तो होगी जब्ती और वैधानिक कार्रवाई
नगर परिषद ने साफ किया है कि दिए गए निर्देशों का पालन नहीं करने पर संबंधित के खिलाफ नियमानुसार जब्ती सहित अन्य वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। परिषद द्वारा ऐसे स्थानों को चिन्हित कर लगातार कार्रवाई किए जाने की बात कही गई है।
— नगर परिषद की जमीन पर कब्जा है तो खुद हटाएं
नगर परिषद CMO वेदपुरी गोस्वामी ने कहा कि यदि किसी व्यक्ति द्वारा नगर परिषद की भूमि पर कब्जा किया गया है अथवा अनाधिकृत निर्माण किया गया है, तो संबंधित व्यक्ति स्वयं अपना कब्जा या निर्माण हटा ले। ऐसा नहीं करने पर नगर परिषद नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई करेगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित कब्जाधारी या मालिक की होगी।
उन्होंने नागरिकों से अपील की कि शहर को स्वच्छ, सुंदर और व्यवस्थित रखने में नगर परिषद का सहयोग करें। घर, दुकान और प्रतिष्ठान के आसपास कचरा, कबाड़ अथवा निर्माण सामग्री रखकर सार्वजनिक मार्ग बाधित न करें। सड़क और सार्वजनिक स्थान सभी के लिए हैं, इसलिए निजी उपयोग के कारण आम नागरिकों के आवागमन में परेशानी नहीं होनी चाहिए।
— शहर की व्यवस्था सुधारने पर जोर
CMO ने कहा कि नगर परिषद द्वारा व्यवस्था सुधारने की कार्रवाई जनहित में और नियमानुसार की जा रही है। नागरिक स्वयं आगे आकर अवैध कब्जे और अनधिकृत निर्माण हटाएं, ताकि अनावश्यक वैधानिक कार्रवाई की स्थिति निर्मित न हो।
कार्रवाई के दौरान CMO वेदपुरी गोस्वामी, कार्यालय अधीक्षक आशीष कोरी, उपयंत्री यशवंत मेश्राम, अनिकेत बैंस एवं निखिल असाढ़ी मौजूद रहे। नगर परिषद की इस कार्रवाई को शहर के मुख्य मार्गों को व्यवस्थित करने, यातायात सुगम बनाने, स्वच्छता सुनिश्चित करने और नगर परिषद की भूमि को अतिक्रमणमुक्त रखने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
