— किसान संघ ने प्रभारी मंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन, संयुक्त सर्वे कराकर क्षति का आकलन और मुआवजा-बीमा लाभ दिलाने की मांग
डिंडौरी। जिले में धान की फसल पर फुदका कीट के प्रकोप की शिकायतों ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। कई क्षेत्रों में खेतों में खड़ी धान की फसल पीली पड़ने और सूखने की स्थिति में पहुंचने की बात सामने आ रही है। किसानों का कहना है कि यदि समय रहते कीट नियंत्रण के प्रभावी उपाय नहीं किए गए तो फसल को व्यापक नुकसान हो सकता है।
फसल में सामने आ रही इस समस्या को लेकर भारतीय किसान संघ, तहसील डिंडौरी द्वारा प्रभारी मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की गई है। संघ ने प्रभावित क्षेत्रों में खेतों का सर्वे कराने के साथ फसल को हुए नुकसान का वास्तविक आकलन कराने की मांग उठाई है।
कृषि और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम से सर्वे की मांग
ज्ञापन में भारतीय किसान संघ ने मांग की है कि प्रभावित गांवों और खेतों में कृषि विभाग एवं राजस्व विभाग की संयुक्त टीम भेजकर फसल की स्थिति का निरीक्षण कराया जाए। इसके साथ ही फसल बीमा प्रतिनिधियों को भी सर्वे प्रक्रिया में शामिल कर वास्तविक क्षति का आकलन कराया जाए, ताकि प्रभावित किसानों को नियमानुसार राहत मिल सके।
संघ ने किसानों को फुदका कीट की पहचान, नियंत्रण के उपाय और उपयोग की जाने वाली दवाओं के संबंध में कृषि विशेषज्ञों के माध्यम से पर्याप्त जानकारी उपलब्ध कराने की मांग भी की है। प्रभावित क्षेत्रों में समयबद्ध तरीके से कीट प्रबंधन की व्यवस्था किए जाने पर भी जोर दिया गया।
नुकसान होने पर मुआवजा और बीमा राशि की मांग
किसान संघ का कहना है कि सर्वे के बाद यदि फसल क्षति की पुष्टि होती है तो पात्र किसानों को शासन के नियमानुसार मुआवजा और फसल बीमा योजना का लाभ दिलाने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जानी चाहिए। किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि धान की फसल को संभावित नुकसान से बचाने के लिए संबंधित विभागों को सक्रिय किया जाए और खेतों में पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया जाए। ज्ञापन सौंपने के दौरान जिला विपणन प्रमुख खिलपत गौतम, किसान संघ तहसील अध्यक्ष डिंडौरी खमोद चंदेल सहित जिले के किसान मौजूद रहे।
