डिंडौरी। जातिगत अपमान, गाली-गलौज और मारपीट के मामले में विशेष न्यायालय ने आरोपी को चार वर्ष के सश्रम कारावास और 5 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड जमा नहीं करने पर आरोपी को दो माह का अतिरिक्त सश्रम कारावास भुगतना होगा।
मीडिया सेल प्रभारी अभियोजन अधिकारी दिलावर धुर्वे के अनुसार, थाना समनापुर में दर्ज अपराध क्रमांक 428/2022 एवं प्रकरण क्रमांक 23/2023 में आरोपी अर्जुन सिंह ठाकुर, पिता मुलचंद ठाकुर, उम्र 35 वर्ष, निवासी ग्राम खुड़िया, थाना समनापुर, जिला डिंडौरी के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। अभियोजन के अनुसार आरोपी पर जातिगत और अश्लील गालियां देने तथा मारपीट करने के आरोप थे।
मामले की सुनवाई विशेष न्यायाधीश अजा/अजजा अधिनियम श्रीमती शाशिकांता वैश्य की अदालत में हुई। न्यायालय ने आरोपी अर्जुन सिंह ठाकुर को धारा 329 भादंसं के आरोप में दोषी पाते हुए चार वर्ष के सश्रम कारावास और 5 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। अर्थदंड अदा नहीं करने पर दो माह का अतिरिक्त सश्रम कारावास भुगतने का आदेश दिया गया।
रास्ता रोककर किया हमला
अभियोजन के मुताबिक, घटना 16 सितंबर 2022 की सुबह करीब 11 बजे की है। फरियादी अपनी ऑटो में सवारी लेकर खुड़िया से समनापुर आ रहा था। समनापुर पुल के पास अनिल की दुकान के नजदीक आरोपी ने अपनी ऑटो सामने खड़ी कर उसका रास्ता रोक दिया।
आरोप है कि आरोपी फरियादी की जाति से परिचित होने के बावजूद उसे जातिगत गालियां देने लगा और सवारी बैठाकर ले जाने को लेकर 1000 रुपये की मांग की। इसी दौरान आरोपी ने पत्थर उठाकर फरियादी के सिर पर हमला किया, जिससे उसके माथे पर चोट आई। इसके बाद उसे जमीन पर पटककर लात-घूंसों से मारपीट करने का भी आरोप है। घटना में फरियादी के पीठ, जांघ और हाथ में चोटें आई थीं।
घटना के बाद फरियादी ने थाना समनापुर पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर विवेचना की और साक्ष्य संकलित करने के बाद अभियोग पत्र न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया। मामले की सुनवाई के बाद न्यायालय ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए उक्त सजा सुनाई।
