डिंडौरी। कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया की अध्यक्षता में कलेक्टर सभागार में जिला टास्क फोर्स समिति एवं जिला सतर्कता समिति की संयुक्त बैठक आयोजित की गई। टी.एल. मीटिंग के पश्चात अपरान्ह 2 बजे से शुरू हुई इस बैठक में जिले में बंधक श्रम उन्मूलन एवं संबंधित अधिनियमों के प्रभावी क्रियान्वयन की समीक्षा की गई।
बैठक में बंधक श्रम (उत्सादन) अधिनियम, 1976 के तहत विमुक्त कराए गए कुल चार बंधक श्रमिकों को तात्कालिक राहत प्रदान की गई। इनमें गीता बाई (20 वर्ष), संगीता समरदैया (18 वर्ष), उमेश कुमार (19 वर्ष) एवं लालू सिंह (60 वर्ष) शामिल हैं। कलेक्टर के निर्देशानुसार सभी विमुक्त श्रमिकों को पृथक-पृथक 30-30 हजार रुपये की आर्थिक सहायता राशि दी गई।
कलेक्टर भदौरिया ने बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए कि बंधक श्रम, बाल श्रम एवं श्रमिकों के अधिकारों से संबंधित अधिनियमों की जानकारी आमजन तक प्रभावी रूप से पहुंचाई जाए। इसके लिए प्रत्येक शनिवार को संबंधित निकायों में आयोजित लोक कल्याण शिविरों के माध्यम से जागरूकता कार्यक्रम चलाने का निर्णय लिया गया, ताकि कोई भी व्यक्ति शोषण का शिकार न हो और समय रहते प्रशासन तक अपनी बात पहुंचा सके। बैठक में संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे तथा बंधक श्रम उन्मूलन के लिए आपसी समन्वय के साथ निरंतर कार्रवाई करने पर जोर दिया गया।




