डिंडौरी। जिले की ग्राम पंचायत सिमरिया में पंचपरमेश्वर एवं ई-ग्राम स्वराज योजनाओं के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2021-22 से अब तक बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार किए जाने के गंभीर आरोप सामने आए हैं। ग्राम पंचायत के सरपंच एवं सचिव राममिलन परमार पर शासकीय योजनाओं की राशि में अनियमितता और गबन का आरोप लगाते हुए समस्त ग्रामवासियों ने कलेक्टर को लिखित शिकायत सौंपकर निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।
ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायत में विकास कार्यों के नाम पर कागजों में लाखों रुपये खर्च दर्शाए गए, जबकि वास्तविक रूप से या तो कार्य कराए ही नहीं गए या फिर अत्यंत घटिया गुणवत्ता के साथ कराए गए। इससे शासन को भारी आर्थिक क्षति हुई है। शिकायत के अनुसार ग्राम पंचायत सिमरिया में 30 नग सोलर लाइट खरीदी दर्शाकर प्रति लाइट 11 हजार 600 रुपये की दर से कुल 3 लाख 48 हजार रुपये का भुगतान किया गया, जबकि मौके पर लगी लाइटों की वास्तविक कीमत लगभग एक हजार रुपये प्रति नग बताई जा रही है। इतना ही नहीं, बिना मध्यप्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी को सूचना दिए विद्युत कनेक्शन भी जोड़ दिए गए, जो नियमों के विपरीत है।
ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया है कि त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव 2022 के दौरान सरपंच एवं वार्ड पंच पद के प्रत्याशियों तथा उनके प्रस्तावकों से जलकर और मकान कर के नाम पर दो हजार से छह हजार रुपये तक की अवैध वसूली की गई। चुनाव निरस्त होने की स्थिति में यह राशि दो बार वसूली गई, जिसकी कुल रकम लगभग तीन लाख रुपये बताई जा रही है। आरोप है कि यह राशि पंचायत खाते में जमा न कर सचिव द्वारा गबन कर ली गई।
शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि ग्राम पंचायत सिमरिया में संचालित हाट-बाजार से प्राप्त ठेका राशि को पंचपरमेश्वर योजना के पंचायत खाते में जमा किया जाना था, लेकिन वित्तीय वर्ष 2021-22 से अब तक केवल आंशिक राशि ही जमा की गई और शेष राशि का गबन कर लिया गया। इसी तरह पीपल टोला में पंचपरमेश्वर योजना के अंतर्गत कूप जीर्णोद्धार के नाम पर बिना कोई कार्य कराए 25 हजार रुपये की राशि आहरित कर ली गई।
बंधिया घाट क्षेत्र में चबूतरा निर्माण कार्य में टाइड फंड की राशि का उपयोग किया गया, जबकि नियमानुसार टाइड फंड का उपयोग स्वच्छता एवं जल संबंधी कार्यों में किया जाना था। आरोप है कि शासन की गाइडलाइन की अनदेखी कर राशि का दुरुपयोग किया गया।
वहीं ग्राम पंचायत सिमरिया के पोषक ग्राम बिछिया के टेढ़ियाटोला में पंचपरमेश्वर, ई ग्राम स्वराज से नाली निर्माण कार्य के स्वीकृत कराया गया था। नाली निर्माण कार्य में भी गंभीर अनियमितताओं के आरोप हैं। ग्रामीणों का कहना है कि निर्माण में तय मापदंडों के अनदेखी कर गुणवत्ता विहीन कराया गया है। इसके बावजूद पूरी राशि आहरित कर ली गई।
पोषक ग्राम बिछिया के टेढ़ियाटोला में पंचपरमेश्वर योजना से 6.33 लाख रुपये की लागत से कराए गए सीसी रोड निर्माण कार्य में भी गंभीर अनियमितताओं के आरोप हैं। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क में बोल्डर डालकर मापदंड से पतली सीसी रोड बनाई गई, जिसकी चौड़ाई और लंबाई स्वीकृत माप से कम है, इसके बावजूद पूरी राशि आहरित कर ली गई।
इसके अतिरिक्त महावीर टोला क्षेत्र में राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण के दौरान काटे गए लगभग 80 नग यूकेलिप्टस के पेड़ों को बिना शासन की अनुमति के बेच दिए जाने का भी आरोप है। इन पेड़ों की अनुमानित कीमत करीब दो लाख रुपये बताई जा रही है, जिसकी राशि का गबन कर लिया गया। ग्रामीणों का यह भी कहना है कि पंचपरमेश्वर एवं ई-ग्राम स्वराज योजना के तहत कई निर्माण कार्यों में बिना उपयंत्री के तकनीकी मूल्यांकन के ही राशि आहरित कर ली गई, जो स्पष्ट रूप से नियमों का उल्लंघन है।
ग्रामीणों ने बताया कि इस पूरे मामले को लेकर पूर्व में 22 दिसंबर 2024, 24 दिसंबर 2024 एवं 10 फरवरी 2025 को जनपद पंचायत एवं जिला पंचायत में शिकायत की जा चुकी है, लेकिन अब तक न तो कोई ठोस कार्रवाई की गई और न ही जांच प्रतिवेदन की प्रति उपलब्ध कराई गई। इससे ग्रामीणों में रोष व्याप्त है। समस्त ग्रामवासियों ने कलेक्टर से मांग की है कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराई जाए, दोषी सरपंच एवं सचिव के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए तथा गबन की गई शासकीय राशि की वसूली सुनिश्चित की जाए। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन करने को विवश होंगे।




