भोपाल। राज्य शिक्षा केंद्र, भोपाल द्वारा समग्र शिक्षा अभियान के अंतर्गत विशेष आवश्यकता वाले बच्चों (सीडब्लूएसएन) के चिकित्सकीय मूल्यांकन शिविरों के उपरांत अब उपकरण वितरण शिविरों के आयोजन के निर्देश जारी किए गए हैं। इस संबंध में राज्य शिक्षा केंद्र ने विदिशा, भोपाल, देवास, इंदौर, खरगोन, बड़वानी, अलीराजपुर, बुरहानपुर, रतलाम, झाबुआ, नीमच, मंदसौर, आगरमालवा, मुरैना, ग्वालियर, दतिया, गुना, श्योपुर, निवारी, टीकमगढ़, पन्ना, उमरिया, बालाघाट, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर, नर्मदापुरम, अशोकनगर, सिवनी, दमोह एवं डिंडौरी सहित 30 जिलों के जिला परियोजना समन्वयकों को पत्र जारी किया है।
पत्र में उल्लेख है कि राज्य शिक्षा केंद्र के पूर्व निर्देशों के तहत एलिमको जबलपुर एवं उज्जैन के सहयोग से विकासखंड स्तर पर एक दिवसीय चिकित्सकीय मूल्यांकन शिविर आयोजित किए गए थे। इन शिविरों में पात्र पाए गए बच्चों के लिए आवश्यक उपकरणों की राशि का अग्रिम भुगतान राज्य शिक्षा केंद्र द्वारा एलिमको को किया जा चुका है।
एलिमको द्वारा पत्र के माध्यम से विकासखंडवार उपकरण वितरण शिविरों की समय-सारिणी संबंधित जिलों को भेज दी गई है। निर्देशानुसार, उपकरण वितरण शिविरों में केवल पात्र हितग्राही बच्चों को ही बुलाया जाएगा। शिविरों के आयोजन पर होने वाला व्यय राज्य शिक्षा केंद्र द्वारा निर्धारित नोर्म्स के अनुसार किया जाएगा।
राज्य शिक्षा केंद्र ने निर्देश दिए हैं कि एलिमको (भारतीय कृत्रिम अंग निर्माण निगम) के दल को एक विकासखंड से दूसरे विकासखंड तक ले जाने के लिए वाहन की व्यवस्था जिला स्तर पर की जाए। साथ ही शिविर स्थल पर बच्चों के लिए भोजन, पेयजल, प्रकाश एवं बैठने की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
पत्र के अनुसार, उपकरण वितरण शिविर के दौरान चिन्हित बच्चों का डाटा पोर्टल पर दर्ज किया जाएगा और शिविर समाप्ति के बाद प्रतिवेदन राज्य शिक्षा केंद्र को भेजा जाएगा। इसकी संपूर्ण जिम्मेदारी एपीसी (आईईडी) प्रभारी की होगी। इसके अलावा शिविर आयोजन में किए गए व्यय की प्रविष्टि एमईआर एवं डिजिगोव पोर्टल में मध्यप्रदेश भंडार क्रय नियमों का पालन करते हुए कराई जाएगी।
पत्र में यह भी निर्देशित किया गया है कि केलिपर्स प्राप्त करने वाले बच्चों के लिए शिविर स्थल पर समानांतर बार की व्यवस्था की जाए, ताकि बच्चों की समस्याओं का समाधान मौके पर ही किया जा सके। सभी ट्रायसाइकिल, व्हीलचेयर की पिछली सीट एवं अन्य उपकरणों पर “समग्र शिक्षा अभियान वर्ष 2025-26, जिला शिक्षा केंद्र, जिला ……” अंकित किया जाना अनिवार्य होगा।
राज्य शिक्षा केंद्र के अपर संचालक डॉ. अरुण सिंह ने संबंधित जिलों के कलेक्टरों, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों तथा एलिमको जबलपुर एवं उज्जैन को भी इसकी प्रतिलिपि भेजते हुए शिविरों के सफल आयोजन एवं बच्चों को उपकरण प्रदान कर उपयोग संबंधी प्रशिक्षण दिए जाने के निर्देश दिए हैं।




