डिंडौरी। जिले में आगामी मकर संक्रांति, बसंत पंचमी एवं मां नर्मदा जन्मोत्सव पर्व को शांतिपूर्ण, सौहार्दपूर्ण और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के उद्देश्य से जिला शांति समिति की बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में पर्वों के दौरान कानून-व्यवस्था, सुरक्षा, यातायात, स्वच्छता और मूलभूत सुविधाओं को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।
बैठक में बताया गया कि 14–15 जनवरी को मकर संक्रांति, 23 जनवरी को बसंत पंचमी तथा 25 जनवरी को मां नर्मदा जन्मोत्सव मनाया जाएगा। इन अवसरों पर नर्मदा घाटों पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत रखने के निर्देश दिए गए।
कलेक्टर ने मालपुर, मेंहदवानी, कुटरई, कोसमघाट, धरमपुरा घाट, जोगी टिकरिया, लक्ष्मण मढ़वा, रामघाट, चंदनघाट, कपिलधारा, शिवनार, तुलसीघाट सहित अन्य प्रमुख नर्मदा घाटों पर प्रकाश व्यवस्था, साफ-सफाई, सुरक्षा, स्नान एवं वस्त्र बदलने की सुविधा, पेयजल, यातायात नियंत्रण और पार्किंग की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही महिला सुरक्षा को लेकर विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया।
बैठक में नगर परिषद, परिवहन विभाग, लोक निर्माण विभाग, विद्युत विभाग, होमगार्ड और पुलिस विभाग को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए गए। घाटों पर होमगार्ड एवं प्रशिक्षित तैराक दल की तैनाती, रस्सी, टॉर्च, मोटर बोट सहित अन्य सुरक्षा उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया।
कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया ने स्पष्ट किया कि मां नर्मदा जन्मोत्सव पूरी तरह प्लास्टिक मुक्त रहेगा। भंडारों एवं प्रसाद वितरण में केवल पत्तल से बने दोना–पत्तल का उपयोग किया जाएगा। घाटों पर भोजन पकाने पर प्रतिबंध रहेगा तथा स्वच्छता बनाए रखने के लिए कचरा संग्रहण एवं निस्तारण की जिम्मेदारी संबंधित आयोजकों की होगी। ध्वनि प्रदूषण नियंत्रण के तहत लाउडस्पीकरों के उपयोग पर प्रतिबंध रहेगा और केवल आवश्यक सूचना प्रसारण के लिए सीमित अनुमति दी जाएगी। कलेक्टर ने शांति समिति के सदस्यों से अपील की कि वे प्रशासन का सहयोग करते हुए पर्वों को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और पर्यावरण के अनुकूल ढंग से मनाने में सक्रिय भूमिका निभाएं।




