_ हॉस्टलों में पेयजल संकट पर उठा बड़ा सवाल, जल्द स्थायी समाधान के निर्देश
डिंडौरी। जिले में शिक्षा व्यवस्था को लेकर लंबे समय से लंबित मुद्दों पर आखिरकार पहल हुई। कलेक्टर की पहल पर समनापुर जनपद पंचायत में तीन वर्षों के अंतराल के बाद स्थायी शिक्षा समिति की बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में शिक्षा से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई, जिसमें शासकीय हॉस्टलों में पेयजल संकट सबसे प्रमुख मुद्दा बनकर सामने आया।
बैठक के दौरान समिति को जानकारी दी गई कि कई छात्रावासों में छात्र–छात्राएं गंभीर पानी की समस्या से जूझ रहे हैं। पर्याप्त और नियमित जल आपूर्ति नहीं होने से विद्यार्थियों को दैनिक उपयोग के पानी के लिए परेशान होना पड़ रहा है। इसका सीधा असर न केवल उनके स्वास्थ्य पर बल्कि पढ़ाई और अन्य शैक्षणिक गतिविधियों पर भी पड़ रहा है। समिति सदस्यों ने इस स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए हॉस्टलों में स्थायी और नियमित जल व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की। संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई करने और शीघ्र समाधान प्रस्तुत करने के निर्देश दिए जाने की बात भी कही गई।
तीन वर्ष बाद आयोजित इस बैठक को शिक्षा व्यवस्था में सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। उम्मीद जताई जा रही है कि अब शिक्षा से जुड़े लंबित मामलों की नियमित समीक्षा होगी और समस्याओं के समाधान के लिए समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। बैठक में स्थायी शिक्षा समिति की अध्यक्ष नीतू लखन बर्मन, सदस्य राहुल पाण्डे, सदस्य पुतलीबाई राजपूत, संकुल प्राचार्य, हॉस्टल अधीक्षक, जनशिक्षक सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।


