डिंडौरी : कलेक्टर श्रीमती नेहा मारव्या ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में ऋण संबंधी जनहितकारी योजनाओं की समीक्षा बैठक आयोजित की। बैठक में विभागवार योजनाओं की प्रगति की जानकारी ली गई और निर्धारित लक्ष्यों की पूर्ति के लिए अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए। बैठक के दौरान प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना (पीएमएफएमई) वर्ष 2025-26 की समीक्षा की गई। कलेक्टर ने अधिकारियों को हितग्राहियों की प्रोजेक्ट प्लानिंग कर समय पर यूनिट स्थापित कराने हेतु प्रेरित करने के निर्देश दिए, ताकि लक्ष्य समय-सीमा में पूर्ण हो सके।
इसके बाद कलेक्टर ने प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना (पीएम स्वनिधि) की समीक्षा करते हुए बताया कि पथ विक्रेताओं एवं स्ट्रीट वेंडर्स के लिए लोन पोर्टल प्रारंभ हो चुका है। योजना के अंतर्गत पात्र हितग्राहियों को तीन चरणों में ऋण उपलब्ध कराया जाएगा— प्रथम ट्रेंच : ₹15,000 ,द्वितीय ट्रेंच : ₹25,000 ,तृतीय ट्रेंच : ₹50,000 आवेदन हेतु आधार कार्ड (मोबाइल लिंक्ड), बैंक पासबुक, यूपीआई आईडी, समग्र आईडी आवश्यक है, जबकि ₹50,000 तक के ऋण के लिए पैन कार्ड अनिवार्य होगा। साथ ही पूर्व में ऋण लेने वालों को बैंक से एनओसी प्रस्तुत करनी होगी और जिनका ऋण चालू है उनकी सभी किस्तें समय पर जमा होना जरूरी है। कोई भी हितग्राही यदि एनपीए (डिफॉल्ट) की स्थिति में है तो वह लाभ से वंचित रहेगा। इच्छुक पथ विक्रेता योजना का लाभ लेने नगर परिषद की NULM शाखा से संपर्क कर सकते हैं।
कलेक्टर ने कहा कि यह योजना छोटे व्यापारियों और स्ट्रीट वेंडर्स के लिए बड़ी राहत है, जिससे उन्हें व्यवसाय आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी। बैठक में संत रविदास स्वरोजगार योजना, टंट्या मामा आर्थिक कल्याण योजना, जनजाति कार्य विभाग की योजनाएं, उद्योग विभाग की ऋण योजनाएं और किसान क्रेडिट कार्ड से जुड़ी गतिविधियों की भी समीक्षा की गई।
श्रीमती मारव्या ने युवाओं को स्किल आधारित रोजगार उपलब्ध कराने पर जोर देते हुए कहा कि हितग्राहियों को बड़ी इकाई स्थापित करने के लिए प्रेरित किया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि समूह के माध्यम से बड़ी यूनिट संचालित कर न केवल स्वयं, बल्कि अन्य लोगों को भी रोजगार उपलब्ध कराया जा सकता है। इस अवसर पर अपर कलेक्टर जे.पी. यादव सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।




