डिंडौरी। जिले के सैकड़ों किसान आज भी अपनी मेहनत की फसल बेचने के लिए इंतजार कर रहे हैं। बता दें कि खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के अंतर्गत धान खरीदी की निर्धारित तिथि समाप्त हो जाने के बाद अब जिले के लगभग 2,588 पंजीकृत किसान धान विक्रय से वंचित रह गए हैं। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए जिला पंचायत अध्यक्ष रूदेश परस्ते ने कलेक्टर डिण्डौरी को पत्र लिखकर धान खरीदी की तिथि आगे बढ़ाने की अपील की है।
पत्र में जिला पंचायत अध्यक्ष ने उल्लेख किया है कि धान खरीदी के लिए किसानों का पंजीयन 15 सितम्बर 2025 से प्रारंभ हुआ था और अंतिम तिथि तक कुल 25,820 किसानों ने पंजीयन कराया। शासन द्वारा 1 दिसम्बर 2025 से 20 जनवरी 2026 तक जिले में 23,232 किसानों से कुल 8,66,753.03 क्विंटल धान की खरीदी की जा चुकी है।
लेकिन इसके बावजूद जिले के हजारों किसान अब भी अपनी उपज बेचने से वंचित हैं। धान खरीदी की अंतिम तिथि 20 जनवरी 2026 समाप्त होने के बाद किसानों की चिंता बढ़ गई है। जिन किसानों ने पूरी उम्मीद के साथ पंजीयन कराया था, वे अब भी समर्थन मूल्य पर अपनी फसल बेचने के लिए भटकने को मजबूर हैं।
जिला पंचायत अध्यक्ष रूदेश परस्ते ने कहा कि किसानों ने पूरे वर्ष मेहनत कर धान की फसल तैयार की है। उनकी आर्थिक स्थिति पूरी तरह इसी खरीदी पर निर्भर है। यदि धान खरीदी की अवधि आगे नहीं बढ़ाई गई तो जिले के लगभग 2,588 किसान उचित मूल्य से वंचित रह जाएंगे और उन्हें मजबूरी में अपनी फसल कम दाम पर बेचनी पड़ सकती है।
उन्होंने प्रशासन से आग्रह किया है कि किसानों के हित में धान खरीदी की तिथि बढ़ाई जाए ताकि शेष किसान भी शासन को अपनी उपज बेचकर लाभ प्राप्त कर सकें। बता दें कि यह मांग केवल एक प्रशासनिक निर्णय नहीं, बल्कि किसानों के भविष्य और उनकी मेहनत के सम्मान से जुड़ा विषय है। अब जिले के किसानों की निगाहें शासन के फैसले पर टिकी हैं कि उन्हें राहत मिलेगी या उनकी मेहनत का मूल्य अधूरा रह जाएगा।
