Dindori News : बिना सूचना पटल, बिना मापदंड—अफसरों की चुप्पी और ठेकेदार की मनमानी से गुणवत्ताविहीन आरोग्य केंद्र का निर्माण….

Rathore Ramshay Mardan
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डिंडौरी। जिला मुख्यालय से मात्र तीन किलोमीटर की दूरी पर स्थित ग्राम पंचायत औराई में स्वास्थ्य विभाग द्वारा ग्राम आरोग्य केंद्र का निर्माण कराया जा रहा है। शासन की मंशा है कि ग्रामीण अंचल के लोगों को उनके गांव के पास ही प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधाएं सुलभ और प्रभावी रूप से उपलब्ध हो सकें। लेकिन निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर जिस तरह के तथ्य सामने आ रहे हैं, उससे यह महत्वाकांक्षी योजना भ्रष्टाचार और लापरवाही की भेंट चढ़ती नजर आ रही है। स्थानीय ग्रामीणों ने निर्माण कार्य में गंभीर तकनीकी खामियों के आरोप लगाए हैं।

दरअसल निर्माणाधीन भवन की नींव और स्ट्रक्चर में निर्धारित मापदंडों का पालन नहीं किया जा रहा है। बीम में मानक के अनुसार लोहे की मात्रा कम डाली जा रही है, वहीं अतिरिक्त रॉड (एक्स्ट्रा रोड) का उपयोग नहीं किया गया है, जो भवन की मजबूती के लिए आवश्यक होती है। रिंग की स्पेसिंग आवश्यकता से अधिक रखी गई है, जिससे कॉलम की पकड़ कमजोर हो सकती है। इतना ही नहीं, रिंग का साइज भी तय मानकों से अधिक लिया गया है, जो तकनीकी दृष्टि से गंभीर लापरवाही मानी जाती है। निर्माण कार्य के दौरान लेवल मशीन या अन्य तकनीकी उपकरणों से समुचित लेवलिंग नहीं की जा रही है, जिससे भवन के संतुलन और दीर्घकालिक सुरक्षा पर सवाल खड़े हो रहे हैं। इसके अलावा, जहां पत्थर या निर्धारित सामग्री का उपयोग किया जाना चाहिए था, वहां कवर ब्लॉक का सही तरीके से उपयोग नहीं किया जा रहा है। ‘वाई-वेटर’ (Y-Water) जैसी जरूरी तकनीक का भी इस्तेमाल नहीं किया जा रहा, जिससे कंक्रीट की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है।

ग्रामीणों का आरोप है कि यह सब ठेकेदार और संबंधित उपयंत्री की मिलीभगत से किया जा रहा है। उनका कहना है कि निर्माण कार्य की नियमित मॉनिटरिंग और तकनीकी निरीक्षण नहीं हो रहा है, जिससे ठेकेदार मनमानी कर रहा है। स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदार अधिकारी पूरे मामले में कुंभकरणी नींद में सोए हुए हैं और शिकायतों के बावजूद कोई ठोस कदम नहीं उठा रहे हैं।

मामले को और गंभीर बनाता है शासन के स्पष्ट निर्देशों की अवहेलना। नियमों के अनुसार किसी भी शासकीय निर्माण कार्य के प्रारंभ से पहले निर्माण स्थल पर सूचना पटल लगाना अनिवार्य है। इस सूचना पटल पर निर्माण कार्य का नाम, लागत, स्वीकृत मद, कार्य एजेंसी, कार्य प्रारंभ और पूर्ण होने की तिथि जैसी जानकारियां दर्ज की जाती हैं, ताकि पारदर्शिता बनी रहे। लेकिन ग्राम पंचायत औराई में निर्माण स्थल पर सूचना पटल नहीं लगाया गया है। इससे ग्रामीणों और आम नागरिकों को यह जानकारी ही नहीं मिल पा रही है कि ग्राम आरोग्य केंद्र की कुल लागत कितनी है और यह कार्य किस योजना के अंतर्गत कराया जा रहा है।

गौरतलब है कि कलेक्टर द्वारा भी पूर्व में स्पष्ट आदेश जारी किए जा चुके हैं कि बिना सूचना पटल लगाए किसी भी शासकीय निर्माण कार्य को प्रारंभ नहीं किया जाएगा। इसके बावजूद आदेशों की खुलेआम अवहेलना की जा रही है, जिससे प्रशासनिक नियंत्रण और जवाबदेही पर सवाल खड़े हो रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि सूचना छुपाने के पीछे भ्रष्टाचार की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।

अब बड़ा सवाल यह है कि क्या जिला प्रशासन इस गंभीर मामले में संज्ञान लेकर निष्पक्ष जांच कराएगा? क्या संबंधित उपयंत्री और ठेकेदार की भूमिका की जांच होगी? या फिर यह मामला भी अन्य मामलों की तरह फाइलों में दबकर रह जाएगा। ग्रामीणों ने मांग की है कि निर्माण कार्य की तकनीकी जांच कराई जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो, ताकि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ वास्तव में जरूरतमंदों तक पहुंच सके।

इनका कहना है,,,,

मैने कुछ ही देर पहले ठेकेदार के उपयंत्री से बात की हूं,उसने ठीक काम होना बताया है। विभागीय उपयंत्री को भेजकर दिखवा रही हूं, जो भी गड़बड़ी होगी सुधार की जायेगी। 

सुरुचि परस्ते, उपयंत्री स्वास्थ्य विभाग, डिंडौरी ।

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