डिंडौरी। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी दिव्यांशु चौधरी ने कलेक्ट्रेट कार्यालय में मीडिया से चर्चा करते हुए ‘एक बगिया मां के नाम’ योजना को लेकर उठाए जा रहे आरोपों को सिरे से खारिज किया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि योजना के क्रियान्वयन में पूरी पारदर्शिता बरती गई है और कहीं भी किसी प्रकार की अनियमितता नहीं पाई गई।
सीईओ ने बताया कि योजना के अंतर्गत हितग्राही महिलाओं ने अपनी आवश्यकता और सहमति से पौधे एवं फेंसिंग के लिए पोल खरीदे हैं। जिला पंचायत द्वारा किसी भी फर्म को वर्क ऑर्डर जारी नहीं किया गया है। केवल डीपीएम और ब्लॉक समन्वयक द्वारा कुछ सप्लायरों से हितग्राहियों का संवाद कराया गया था। उन्होंने यह भी बताया कि वृक्षारोपण का कार्य लगभग डेढ़ माह पूर्व पूर्ण हो चुका है और योजना की समय-सीमा को 15 सितंबर से बढ़ाकर मार्च तक किया गया है।
सीईओ चौधरी ने कहा कि जिला पंचायत अध्यक्ष द्वारा 15वें वित्त आयोग की राशि जारी करने को लेकर उन पर दबाव बनाया जा रहा था, जबकि उक्त राशि पिछले तीन वर्षों से जारी नहीं हो रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस दौरान उनके साथ अभद्र भाषा का प्रयोग भी किया गया, जिसे मौके पर मौजूद स्टाफ ने भी सुना। उन्होंने बताया कि 22 दिसंबर को सभी जिला पंचायत सदस्यों की बैठक बुलाई गई है, जिसमें 15वें वित्त आयोग की राशि को लेकर शासन के निर्देशों के अनुसार चर्चा की जाएगी और सभी को स्थिति से अवगत कराया जाएगा।




