डिंडौरी। कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में सोमवार को आयोजित समय-सीमा बैठक में जिले में संचालित विकास कार्यों, विभागीय प्रगति, योजनाओं की स्थिति, निर्माण कार्यों तथा सीएम हेल्पलाइन प्रकरणों की विभागवार विस्तृत समीक्षा की गई। कलेक्टर ने बैठक में मौजूद विभागीय अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि लंबित शिकायतों और प्रकरणों का त्वरित व संतोषजनक निराकरण सर्वोच्च प्राथमिकता में रखा जाए, ताकि आम जनता को समय पर समाधान मिल सके।
कलेक्टर ने समीक्षा में पाया कि कुछ विभागों में सीएम हेल्पलाइन प्रकरणों के निराकरण में अपेक्षित प्रगति नहीं हुई है, जिन पर नाराजगी जताते हुए अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि यदि अगले समीक्षा तक स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो सम्बन्धित अधिकारियों के विरुद्ध कार्यवाही की जाएगी। कलेक्टर ने सभी निर्माण विभागों को यह भी निर्देश दिया कि जिन भवनों का भूमिपूजन या लोकार्पण किया जा चुका है, उन्हें पूर्ण सुविधाओं के बिना किसी भी परिस्थिति में हैंडओवर न किया जाए और इस संबंध में उच्च अधिकारियों को अवगत अवश्य कराया जाए।
बैठक में जनजातीय कार्य विभाग को छात्रावासों की दीवारों पर गोंडी पेंटिंग कराए जाने के निर्देश दिए गए ताकि स्थानीय कला को बढ़ावा मिल सके। कृषि विभाग को निर्देश दिया गया कि रबी फसलों हेतु आवश्यक बीज एवं खाद-यूरिया की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित कर पात्र किसानों को शिविरों में वितरण किया जाए। धान उपार्जन केंद्रों की व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने कहा कि केंद्रों पर किसानों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए खाद्य अधिकारी नियमित निरीक्षण करें। कोदो और कुटकी का उपार्जन निगवानी वेयरहाउस में समर्थन मूल्य पर संचालित है और पंजीकृत किसान अपनी उपज बेच रहे हैं।
कलेक्टर ने निर्देश दिए कि जिले में स्थानीय उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्रत्येक रविवार को कृषि उपज मंडी में जैविक एवं स्वदेशी उत्पादों का विशेष हाट बाजार लगाया जाए, जिससे स्थानीय समूहों और किसानों की आय में वृद्धि हो सके। इसके साथ ही जिले में अवैध मादक पदार्थों की बिक्री और अवैध खनन पर कठोर कार्रवाई करने के निर्देश संबंधित विभागों को दिए गए। कलेक्टर ने परिवहन विभाग को जिले में संचालित वाहनों की वैधता और दस्तावेजों की जांच करते हुए अवैध रूप से संचालित बसों और अन्य वाहनों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए कहा। मनरेगा, पीएम आवास, अमृत सरोवर, डगआउट पॉइंट, जनपद पंचायत भवन और सड़क निर्माण सहित सभी निर्माण कार्यों की गुणवत्ता समय सीमा में सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।
ग्रामीण क्षेत्रों में लागू योजनाओं और आवास उपलब्ध कराने की स्थिति की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने निर्देश दिया कि धरती आबा योजना में डोर-टू-डोर सर्वे कर पात्र हितग्राहियों को लाभ पहुंचाया जाए, ताकि कोई भी व्यक्ति योजना के लाभ से वंचित न रहे। किसान, युवा और ग्रामीण क्षेत्र से जुड़े स्वरोजगार, स्वास्थ्य और पोषण संबंधी योजनाओं को प्रभावी क्रियान्वयन के साथ आगे बढ़ाने की हिदायत दी गई। कलेक्टर ने स्पष्ट कहा कि विभागीय लापरवाही बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी और भविष्य में समीक्षा के दौरान किसी भी प्रकार की अनियमितता सामने आने पर संबंधित अधिकारी जिम्मेदार होंगे।




