डिंडौरी। 15वें वित्त आयोग की राशि के उपयोग को लेकर जनपद पंचायत डिंडौरी ने ग्राम पंचायतों को सख्त चेतावनी दी है। जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने सभी ग्राम पंचायतों के सरपंच एवं सचिवों को पत्र जारी कर 15वें वित्त आयोग से प्राप्त राशि का नियमानुसार उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
पत्र में कहा गया है कि 15वें वित्त आयोग के तहत प्राप्त राशि का उपयोग ई-ग्राम स्वराज पोर्टल पर जीपीडीपी (ग्राम पंचायत विकास योजना) के माध्यम से किया जाना है। पंचायतों को पिछले छह वर्षों से इस संबंध में लगातार अवगत कराया जा रहा है। शासन स्तर से भी समय-समय पर आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए जाते रहे हैं।
— पंचायत दर्पण पोर्टल पर उपयोग को बताया वित्तीय अनियमितता
जनपद पंचायत कार्यालय ने पत्र में कहा है कि समीक्षा के दौरान यह देखने में आया है कि जनपद पंचायत डिंडौरी के अंतर्गत आने वाली कुछ पंचायतें 15वें वित्त आयोग के तहत प्राप्त राशि का गलत तरीके से पंचायत दर्पण पोर्टल में प्राप्त कर उपयोग कर रही हैं। कार्यालय ने इस प्रकार की प्रक्रिया को वित्तीय अनियमितता की श्रेणी में माना है।
— जांच में राशि नहीं मिली तो बढ़ेगी मुश्किल
कार्यालय ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि जांच के दौरान यदि किसी ग्राम पंचायत में 15वें वित्त आयोग की राशि का नियमानुसार उपयोग नहीं पाया गया या खाते में संबंधित राशि यथास्थिति उपलब्ध नहीं मिली, तो संबंधित सरपंच एवं सचिव के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई का प्रस्ताव वरिष्ठ कार्यालय को भेजा जाएगा। इसकी संपूर्ण जवाबदारी संबंधितों की होगी।
— ई-ग्राम स्वराज से ही भुगतान के निर्देश
सभी सरपंच एवं सचिवों को निर्देशित किया गया है कि 15वें वित्त आयोग के अंतर्गत प्राप्त राशि के विरुद्ध ही भुगतान की कार्रवाई की जाए और भुगतान की प्रक्रिया ई-ग्राम स्वराज पोर्टल के माध्यम से नियमानुसार की जाए। जनपद पंचायत ने निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने को कहा है।
इस संबंध में जारी पत्र की प्रतिलिपि कलेक्टर डिंडौरी, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत डिंडौरी तथा खंड पंचायत अधिकारी को भी सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्रवाई के लिए भेजी गई है। जनपद पंचायत के इस निर्देश के बाद 15वें वित्त आयोग की राशि के उपयोग और पंचायतों के खातों की जांच को लेकर संबंधित सरपंच एवं सचिवों की जवाबदेही तय होने की संभावना बढ़ गई है।
