— 2.50 लाख रुपये के बदले रखे गए जेवर, 75 हजार लौटाए; पूरा हिसाब देने के बाद भी नहीं मिला सामान
डिंडौरी। जिले के ग्राम देवरा निवासी लक्ष्मण दुबे ने गिरवी रखे गहना-जेवरात वापस न मिलने पर थाना कोतवाली डिंडौरी में आवेदन देकर न्याय की गुहार लगाई है। पीड़ित का आरोप है कि वह मूलधन के साथ पूरा ब्याज देने को तैयार है, लेकिन संबंधित व्यक्ति द्वारा उसके गहने अब तक नहीं लौटाए गए और लगातार टालमटोल किया जा रहा है।
दरअसल कोतवाली थाना में की गई शिकायत पत्र में उल्लेख किया गया है कि वर्ष 2016 में लक्ष्मण दुबे के छोटे भाई ज्ञानेश्वर दुबे आग से गंभीर रूप से झुलस गए थे। इलाज के लिए तत्काल पैसों की आवश्यकता पड़ी, जिसके कारण उन्होंने स्थानीय व्यापारी गोलू जैन के पास अपने गहना-जेवरात गिरवी रखकर 2 प्रतिशत ब्याज पर 2 लाख 50 हजार रुपये उधार लिए थे।
लक्ष्मण दुबे ने बताया कि उन्होंने समय-समय पर उधारी की कुछ राशि चुका दी। वर्ष 2020 में 30 हजार रुपये, वर्ष 2021 में 25 हजार रुपये और वर्ष 2022 में 20 हजार रुपये लौटाए। कुल 75 हजार रुपये चुका दिए गए हैं और शेष 1 लाख 75 हजार रुपये मूलधन भी चुकाने को तैयार हैं।
पीड़ित का कहना है कि पिछले लगभग दो वर्षों से वह बार-बार हिसाब करने और गिरवी रखे गहने वापस लेने के लिए संपर्क कर रहे हैं, लेकिन हर बार “समय नहीं है” का हवाला देकर टालमटोल किया जा रहा है। 29 जनवरी 2026 को लक्ष्मण दुबे ने गोलू जैन के परिवार से भी गहने वापस दिलाने की बात की, और कहा कि वर्ष 2016 से अब तक का पूरा ब्याज देने को भी तैयार हैं। इसके बावजूद गहने वापस नहीं किए गए। लक्ष्मण दुबे ने पुलिस प्रशासन से हस्तक्षेप कर मामले की जांच करने और गहने लौटवाने की मांग की है।




