डिंडौरी। अमरपुर ब्लॉक में बाल विकास परियोजना अधिकारी का कार्यालय लगभग 10 वर्षों से जर्जर हालत में है। आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और कर्मचारियों के अनुसार, कार्यालय में बैठना भी खतरे से खाली नहीं है, छत से सरिया झांक रहा है और बारिश के समय पूरे भवन में पानी टपकता है।
—ये रहा पूरा मामला
दरअसल इस भवन में पूरे ब्लॉक की ग्राम पंचायतों की आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की बैठक और प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। कार्यकर्ताओं का कहना है कि पोषाहार भी इसी बिल्डिंग में रखा जाता है, लेकिन बारिश के समय ऊपर की बोरियां और पैकिंग भीगकर सड़ जाती हैं। इससे पोषाहार असुरक्षित हो रहा है और कर्मचारियों तथा बच्चों की सुरक्षा पर गंभीर खतरा उत्पन्न हो रहा है। आंगनवाड़ी सुपरवाइज़र ने बताया कि बारिश में दस्तावेज और रजिस्टर भी भीगने का डर बना रहता है, और कर्मचारियों को पूरी दिनभर खतरे के माहौल में काम करना पड़ता है।

ब्लॉक और अंचलों में 15 आंगनवाड़ी केंद्रों की स्थिति भी खराब है। कई भवन टूटने के कगार पर हैं और कुछ में बारिश के पानी के रिसाव के कारण बच्चों का बैठना मुश्किल हो गया है। महिला एवं बाल विकास विभाग ने इन भवनों की सूची वरिष्ठ कार्यालय को भेजी थी, लेकिन अब तक सुधार नहीं किया गया। कार्यकर्ताओं ने प्रशासन से तत्काल मरम्मत या पुनर्निर्माण करने की अपील की है ताकि पोषाहार सुरक्षित रहे और कार्यकर्ता सुरक्षित एवं व्यवस्थित माहौल में काम कर सकें।





