मध्यप्रदेश के डिंडौरी जिले के विकासखंड मेंहदवानी मुख्यालय में निर्माणाधीन आईटीआई भवन में हुए हादसे ने आखिरकार एक मजदूर की जान ले ली। जिले के डिंडौरी में हुए इस हादसे में घायल 35 वर्षीय मजदूर रामफल की इलाज के दौरान मौत हो गई। मिली जानकारी के मुताबिक विगत दिनों सोमवार को तीसरी मंजिल से गिरने के बाद उसकी हालत गंभीर थी डॉक्टरों ने उसे जबलपुर मेडिकल कॉलेज रेफर किया था जहां बुधवार देर रात उसने दम तोड़ दिया।
परिजनों का आरोप है कि घटना के समय मजदूरों के पास किसी भी तरह की सुरक्षा किट या सेफ्टी बेल्ट नहीं थी न तो हेलमेट था और न ही सुरक्षा जाल ठेकेदार द्वारा मजदूरों से बिना किसी सुरक्षा उपकरण के ऊंचाई पर काम कराया जा रहा था जिससे यह बड़ा हादसा हुआ ग्रामीणों और परिजनों ने प्रशासन और ठेकेदार पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। मृतक के परिजनों कहना है कि अगर समय रहते सुरक्षा इंतजाम किए गए होते तो रामफल की जान बचाई जा सकती थी।
स्थानीय लोगों ने बताया कि निर्माण स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह नदारद थी। मजदूर रोजाना बिना हेलमेट और सेफ्टी बेल्ट के ऊंची मंजिलों पर काम करते हैं लेकिन न तो कोई अधिकारी निरीक्षण के लिए आता है और न ही ठेकेदार इस बात की परवाह करता है कि मजदूरों की जान खतरे में है लोगों का आरोप है कि जिम्मेदार अधिकारी सिर्फ कागजी खानापूर्ति करते हैं और मौके पर वास्तविक स्थिति जानने की कोशिश नहीं करते।
मृतक के परिजनों ने जिला प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि इस लापरवाही के लिए दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में किसी और गरीब मजदूर की जान न जाए ग्रामीणों ने भी निर्माण कार्यों में सुरक्षा नियमों के सख्त पालन की मांग की है
वहीं यह हादसा मजदूरों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़ा करता है सरकारी निर्माण कार्यों में आज भी सुरक्षा को लेकर लापरवाही बरती जा रही है मजदूरों को सेफ्टी बेल्ट हेलमेट या दस्ताने जैसी बुनियादी सुविधाएं नहीं दी जा रही हैं जिससे रोजाना किसी न किसी निर्माण स्थल पर दुर्घटनाओं की खबर सामने आती रहती है लोगों ने कहा कि यह केवल एक हादसा नहीं बल्कि ठेकेदार और प्रशासन दोनों की लापरवाही का नतीजा है।





