डिंडौरी। कलेक्टर भदौरिया की अध्यक्षता में जिला मुख्यालय स्थित कलेक्ट्रेट ऑडिटोरियम हॉल में परीक्षा परिणाम सुधार विषय पर एक महत्वपूर्ण जिला स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य जिले की शिक्षा व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाते हुए शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार लाना रहा।
कार्यशाला में परीक्षा परिणाम, प्री-बोर्ड परीक्षा की तैयारियां, वार्षिक कार्ययोजना 2026-27, छात्रवृत्ति योजनाएं, यू-डाइस पोर्टल पर अद्यतन एवं नामांकन की स्थिति, विमश पोर्टल पर शिक्षक अपडेशन, आत्मरक्षा प्रशिक्षण, सत्र 2025-26 में नामांकन तथा शाला त्यागी विद्यार्थियों के शाला छोड़ने के कारणों पर विस्तार से चर्चा की गई। संबंधित अधिकारियों द्वारा इन सभी बिंदुओं पर प्रस्तुतिकरण दिया गया।
कलेक्टर भदौरिया ने कहा कि शिक्षक का पद अत्यंत महत्वपूर्ण है और इसकी जिम्मेदारी को गंभीरता से लेते हुए शिक्षा की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए। उन्होंने निर्देश दिए कि विद्यालय स्तर पर छात्रवृत्ति, सीएम हेल्पलाइन से जुड़ी छात्रवृत्ति शिकायतें, अतिथि शिक्षक, छात्र-छात्राओं का स्वास्थ्य परीक्षण, विद्यार्थियों की काउंसलिंग, विद्यालय परिसर की स्वच्छता, पेंशन प्रकरण सहित अन्य समस्याओं का समय पर निराकरण किया जाए, जिससे सीएम हेल्पलाइन के निराकरण स्कोर में भी सुधार हो सके।
उन्होंने परीक्षा परिणामों में सुधार के लिए सतत निगरानी, गुणवत्तापूर्ण शिक्षण व्यवस्था एवं विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने पर जोर दिया। साथ ही शाला त्याग की प्रवृत्ति को रोकने के लिए प्रभावी रणनीति अपनाने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि सभी योजनाओं एवं शैक्षणिक पोर्टलों पर जानकारी समय-सीमा में अद्यतन की जाए, ताकि योजनाओं का लाभ सीधे विद्यार्थियों तक पहुंच सके। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य जिले में शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाना, विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित करना तथा शैक्षणिक स्तर को और बेहतर बनाना रहा। कार्यशाला में सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग राजेन्द्र कुमार जाटव, जिला शिक्षा अधिकारी सुमन परस्ते, जिले के समस्त प्राचार्य एवं अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।।




