डिण्डौरी। थाना गाडासरई क्षेत्र के ग्राम बघरेली–धनौली के बीच सड़क किनारे खेत में मिले लहूलुहान शव के मामले में पुलिस ने महज 8 घंटे के भीतर सनसनीखेज खुलासा कर दिया है। हत्या के इस अंधे मामले में मृतक के साले को ही मुख्य आरोपी पाया गया है, जिसे गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि उसका एक साथी अब भी फरार है। दिनांक 24 फरवरी 2026 की सुबह थाना गाडासरई पुलिस को खेत में एक अज्ञात व्यक्ति का शव पड़े होने की सूचना मिली। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी निरीक्षक गिरवर सिंह उइके पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। प्रथम दृष्टया मामला हत्या का प्रतीत होने पर वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया गया।
जांच में मृतक की पहचान भारत लाल नंदा, निवासी ग्राम मझियाखार जिला सिवनी के रूप में हुई, जो भारतीय डाक विभाग में चपरासी पद पर पदस्थ थे। परिजनों की रिपोर्ट पर हत्या का प्रकरण दर्ज किया गया। पुलिस अधीक्षक वाहनी सिंह के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अमित वर्मा एवं एसडीओपी सतीश द्विवेदी के मार्गदर्शन में एफएसएल टीम बालाघाट और डॉग स्क्वॉड की मदद से घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया गया। अलग-अलग टीम गठित कर संदिग्धों की तलाश शुरू की गई।
— जांच में हुआ चौंकाने वाला खुलासा
जांच के दौरान सामने आया कि मृतक शराब का आदी था और नशे में अक्सर परिजनों से विवाद करता था। घटना की पूर्व संध्या पर उसका साला पारसमणी उर्फ भूरा मांझी, निवासी ग्राम कर्बेमट्टा, रिश्तेदारी में आया हुआ था। पारिवारिक विवाद से आहत होकर उसने अपने एक अन्य साथी के साथ मिलकर साजिश रची। आरोपियों ने मृतक को “मड़वा नाचने” और शराब पिलाने के बहाने घर से बाहर ले जाकर रास्ते में अत्यधिक शराब पिलाई और पत्थरों से हमला कर हत्या कर दी। पहचान छिपाने के उद्देश्य से मृतक का सिर भी पत्थरों से कुचल दिया गया और दोनों आरोपी मौके से फरार हो गए।
— पुलिस की त्वरित कार्रवाई
तेजी से कार्रवाई करते हुए पुलिस ने मुख्य आरोपी पारसमणी उर्फ भूरा मांझी को गिरफ्तार कर लिया। उसके कब्जे से हत्या में प्रयुक्त खून से सने पत्थर और अन्य सामग्री बरामद की गई है। प्रकरण में शामिल एक अन्य आरोपी की तलाश जारी है। गिरफ्तार आरोपी को धारा 103(1), 238(ए), 61(2), 3(5) बीएनएस के तहत न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।
— सराहनीय पुलिस टीम
पूरे मामले के खुलासे में थाना प्रभारी निरीक्षक गिरवर सिंह उइके सहित थाना स्टाफ, एफएसएल टीम, डॉग स्क्वॉड, तकनीकी सेल एवं ग्राम रक्षा समिति की महत्वपूर्ण भूमिका रही। जिला पुलिस डिण्डौरी ने आमजन से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दें। अपराधियों के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई जारी रहेगी।
