डिंडौरी। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत जॉबकार्डधारी मजदूरों की आधार आधारित e-KYC प्रक्रिया में जिले के पांचों जनपद पंचायतों में गंभीर लापरवाही सामने आई है। इसके चलते जिला पंचायत सीईओ दिव्यांशु चौधरी ने 100 से अधिक ग्राम रोजगार सहायकों को कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया है।
— जारी आदेश के मुताबिक
सीईओ द्वारा सूचना पत्रों में जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि भारत सरकार और मध्यप्रदेश राज्य रोजगार गारंटी परिषद, भोपाल के निर्देशों के अनुसार 31 दिसंबर 2025 तक शत-प्रतिशत e-KYC पूर्ण करना अनिवार्य था। इसके लिए जनपद स्तर पर कैलेंडर निर्धारित कर विशेष शिविर भी आयोजित किए गए थे, बावजूद इसके कई ग्राम पंचायतों में अपेक्षित प्रगति नहीं हो सकी।
दिनांक 13 फरवरी 2026 की स्थिति के अनुसार राज्य का औसत e-KYC 78.48 प्रतिशत और जिले का औसत 75.29 प्रतिशत रहा, जबकि कई पंचायतों में यह केवल 25 प्रतिशत से 50 प्रतिशत के बीच ही सीमित रहा। डिंडौरी ,करंजिया, समनापुर, शहपुरा और मेंहदवानी जनपदों में हजारों मजदूरों की e-KYC लंबित पाई गई।
जनपद पंचायत करंजिया में 3 पंचायतों के रोजगार सहायकों को नोटिस जारी किया गया। समनापुर में 27 पंचायतों के रोजगार सहायकों पर कार्रवाई की गई। मेंहदवानी में कुल 16 सहायकों को नोटिस दिया गया। शहपुरा में 37 पंचायतों के ग्राम रोजगार सहायकों को नोटिस जारी किया गया। वहीं डिंडौरी जनपद पंचायत के 17 ग्राम पंचायत रोजगार सहायकों को नोटिस जारी किया गया है। कुल मिलाकर जिले के पांचों जनपदों में 100 से अधिक ग्राम रोजगार सहायकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया।
जिला पंचायत ने इसे शासकीय कर्तव्य की घोर लापरवाही और स्वेच्छाचारिता करार देते हुए स्पष्ट किया है कि यह कृत्य ग्राम रोजगार सहायकों की संविदा सेवा शर्तों का उल्लंघन है। आदेश में कहा गया है कि कम प्रगति के कारण जिला, जनपद और ग्राम पंचायत स्तर की कुल उपलब्धि प्रभावित हुई है। सभी संबंधित ग्राम रोजगार सहायकों को तीन दिवस के भीतर प्रगति विवरण सहित व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। चेतावनी दी गई है कि निर्धारित समय में संतोषजनक जवाब न मिलने पर एकपक्षीय कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। इस कार्रवाई से जिले में मनरेगा अमले में हड़कंप मच गया है और प्रशासन अब e-KYC की निगरानी और सख्ती बढ़ाने की योजना बना रहा है ताकि भविष्य में मजदूरों की पहचान और भुगतान प्रक्रिया प्रभावित न हो।
सोर्स:- कार्यायल जिला पंचायत डिंडौरी।


