डिंडौरी। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत मेंहदवानी विकासखंड में करीब 4 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित 12.1 किलोमीटर लंबा चाबी-मेंहदवानी मार्ग से कुसेरा (खिसी, जिला मंडला सीमा) तक का सड़क मार्ग तेज बारिश में क्षतिग्रस्त होने के मामले को जिला प्रशासन ने गंभीरता से लिया है। कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया ने मामले में संबंधित ठेकेदार और निर्माण कार्य से जुड़े अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
बताया गया है कि उक्त सड़क का निर्माण सतना की शिव शक्ति कंस्ट्रक्शन द्वारा कराया गया था और निर्माण कार्य 29 अप्रैल 2023 को पूर्ण हुआ था। हाल ही में हुई तेज बारिश के दौरान जलस्तर बढ़ने से पुलिया के समीप सड़क का बड़ा हिस्सा कटकर बह गया। सड़क पर गहरा कटाव होने से क्षेत्र में आवागमन भी प्रभावित हुआ है।
— निर्माण गुणवत्ता पर उठे सवाल
क्षतिग्रस्त सड़क वर्तमान में पांच वर्षीय गारंटी संधारण अवधि के अंतर्गत बताई गई है। ऐसे में सड़क के इतनी जल्दी क्षतिग्रस्त होने को लेकर निर्माण गुणवत्ता, जल निकासी व्यवस्था और तकनीकी मानकों के पालन पर सवाल उठे हैं। प्रशासन द्वारा सड़क क्षतिग्रस्त होने के कारणों और निर्माण कार्य की गुणवत्ता का परीक्षण कराया जा रहा है।
ठेकेदार को जारी नोटिस में निर्धारित तकनीकी मानकों का समुचित पालन नहीं करने, अनुबंध की शर्तों के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण निर्माण नहीं करने तथा सड़क एवं पुलिया निर्माण में पर्याप्त गुणवत्ता वाली सामग्री और उचित जल निकासी व्यवस्था नहीं किए जाने संबंधी आरोपों पर स्पष्टीकरण मांगा गया है।
नोटिस में यह भी कहा गया है कि कथित लापरवाही और अनियमितताओं के कारण शासन को आर्थिक क्षति की स्थिति निर्मित हुई। हालांकि मामले में अंतिम निष्कर्ष संबंधित पक्षों के जवाब और विभागीय जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।
— निर्माण से जुड़े अधिकारी की निगरानी पर भी सवाल
निर्माण कार्य से जुड़े अधिकारी को जारी नोटिस में आरोप लगाया गया है कि निर्माण कार्य का सतत निरीक्षण नहीं किया गया और अधीनस्थ अमले को समय पर आवश्यक तकनीकी मार्गदर्शन एवं पर्यवेक्षण उपलब्ध नहीं कराया गया। इसके चलते निर्माण कार्य में कथित अनियमितताओं पर प्रभावी नियंत्रण नहीं हो सका।
नोटिस में इसे पदीय दायित्वों के निर्वहन में उदासीनता एवं गंभीर लापरवाही बताते हुए मध्यप्रदेश सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के नियम 3 के उल्लंघन का उल्लेख किया गया है। साथ ही मध्यप्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के नियम 14 के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई प्रस्तावित किए जाने के संबंध में जवाब मांगा गया है।
— ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट और FIR की चेतावनी
निर्माण एजेंसी से सड़क निर्माण में निर्धारित मानकों का पालन नहीं करने, अनुबंध की शर्तों के उल्लंघन और निर्माण गुणवत्ता से जुड़े आरोपों पर स्पष्टीकरण मांगा गया है। नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि यदि ठेकेदार का जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया तो नियमानुसार फर्म को ब्लैकलिस्ट करने के साथ ही FIR दर्ज कराने की कार्रवाई भी की जा सकती है।
— सात दिन में देना होगा जवाब
संबंधित अधिकारी और ठेकेदार को नोटिस प्राप्त होने की तारीख से सात दिवस के भीतर लिखित जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। निर्धारित समय में जवाब नहीं देने अथवा जवाब संतोषजनक नहीं पाए जाने की स्थिति में नियमानुसार एकपक्षीय कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
फिलहाल प्रशासन द्वारा सड़क क्षतिग्रस्त होने के कारण, निर्माण की गुणवत्ता और संबंधित पक्षों की जिम्मेदारी का परीक्षण किया जा रहा है। जांच और जवाब के बाद ही दोष एवं उत्तरदायित्व की अंतिम स्थिति स्पष्ट होगी। वहीं प्रभावित मार्ग को जल्द दुरुस्त कर ग्रामीणों का आवागमन सुचारु करना भी प्रशासन के सामने अहम चुनौती है।




