— गेहूं उपार्जन से पहले हाई अलर्ट! निरीक्षण, भुगतान और व्यवस्था पर बड़ा फैसला
डिंडौरी। जिले में आगामी 15 अप्रैल 2026 से शुरू होने वाले गेहूं उपार्जन को सुचारू और पारदर्शी बनाने के लिए प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया है। इसी कड़ी में कलेक्टर कार्यालय में जिला स्तरीय उपार्जन समिति की बैठक आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता अपर कलेक्टर ने की।
बैठक में जिला आपूर्ति अधिकारी, एमपीएससीएससी, जिला सहकारी केंद्रीय बैंक, एमपीडब्ल्यूएलसी सहित अन्य विभागों के अधिकारियों की मौजूदगी में उपार्जन व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा की गई और आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए।
अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि जिले के सभी 12 उपार्जन केंद्रों पर मूलभूत सुविधाएं, भौतिक व्यवस्थाएं और किसानों के लिए अनुकूल वातावरण सुनिश्चित किया जाए। उपार्जन शुरू होने से पहले सभी केंद्र पूरी तरह तैयार रहें, ताकि किसानों को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
खाद्य, सहकारिता, राजस्व और कृषि विभाग को नियमित निरीक्षण करने और हर शुक्रवार को रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। निरीक्षण के दौरान ली गई फोटो को संबंधित समूहों में साझा करने के लिए भी कहा गया है, जिससे कार्यों की सतत निगरानी हो सके।
एमपीएससीएससी को उपार्जन केंद्रों पर बारदाना, फ्लेक्स और बैनर की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं, एमपीडब्ल्यूएलसी को समनापुर स्थित केंद्र को गोदाम स्तर तक विकसित करने के लिए प्रस्ताव प्रस्तुत करने को कहा गया है।
सभी उपार्जन केंद्रों की जानकारी पीसीएसएपी पोर्टल पर अपडेट करने के निर्देश भी दिए गए हैं। नाप-तौल निरीक्षकों को इलेक्ट्रॉनिक कांटों के कैलिब्रेशन की जिम्मेदारी सौंपी गई है और इसकी रिपोर्ट खाद्य विभाग को देने के निर्देश दिए गए हैं।
इसके अलावा, जिला सहकारी केंद्रीय बैंक को वर्ष 2025-26 के लंबित भुगतान वाले किसानों के मामलों का जल्द निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि किसानों को समय पर भुगतान मिल सके। बैठक के अंत में सभी विभागों को समन्वय के साथ कार्य करते हुए गेहूं उपार्जन प्रक्रिया को सफल बनाने पर जोर दिया गया।
