भोपाल। मध्यप्रदेश के लोक शिक्षण संचालनालय ने शैक्षणिक सत्र 2025-26 में कार्यरत अतिथि स्पेशल एजुकेटर की सेवाओं को लेकर बड़ा निर्देश जारी किया है। संचालनालय ने पहले दिए गए अपने पत्र क्र./स.शि.अ./CWSN/2025-26/1243 (दिनांक 24/03/2026) को निरस्त करते हुए स्पष्ट किया कि अतिथि स्पेशल एजुकेटर की सेवाएं अब केवल 31 मार्च 2026 तक ही ली जा सकती हैं।
इस निर्णय का मुख्य कारण वर्ष 2026-27 के लिए समग्र शिक्षा अभियान की आगामी स्वीकृति हेतु भारत सरकार से अभी तक कोई दिशा-निर्देश प्राप्त न होना है। वर्ष 2025-26 के लिए स्वीकृत राशि केवल मार्च 2026 तक उपलब्ध है, इसलिए शिक्षा संचालनालय ने अतिथि कर्मचारियों की सेवाओं में बदलाव किया।
संचालनालय ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों और प्राचार्यों को निर्देशित किया है कि 31 मार्च 2026 के बाद यदि किसी भी विद्यालय में स्पेशल एजुकेटर कार्यरत रहेगा, तो इसका पूर्ण उत्तरदायित्व संबंधित प्राचार्य एवं जिला शिक्षा अधिकारी का होगा।
अपर परियोजना संचालक समग्र शिक्षा (सेकेण्ड्री एजुकेशन) ने यह भी कहा कि संबंधित अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से आदेश का पालन सुनिश्चित करना अनिवार्य है। इस क्रम में सभी जिला शिक्षा अधिकारी, अतिरिक्त जिला परियोजना समन्वयक और राज्य स्तर के शिक्षा अधिकारियों को इसकी प्रतिलिपि भी भेजी गई है।
यह कदम शिक्षा विभाग की सटीक वित्तीय प्रबंधन और नियमानुसार योजना क्रियान्वयन की प्रक्रिया को सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है। विभाग ने यह स्पष्ट किया कि अतिथि स्पेशल एजुकेटर की सेवाओं का निरंतरता केवल अनुमोदित वित्तीय सीमा के भीतर ही सुनिश्चित की जा सकती है।शै क्षणिक सत्र 2025-26 में कार्यरत सभी अतिथि कर्मचारियों को अपने-अपने विद्यालयों में 31 मार्च 2026 तक सेवाएं पूरी करने और बाद में किसी भी कार्यवाही का पालन करने का निर्देश दिया गया है।
