नई दिल्ली। ग्रामीण विकास मंत्रालय ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (MGNREGA) में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। अब एनएमएमएस (NMMS) ऐप के माध्यम से श्रमिकों की उपस्थिति चेहरे की पहचान यानी फेस ऑथेंटिकेशन से दर्ज की जाएगी।
— जारी आदेश के मुताबिक
मंत्रालय द्वारा जारी आदेश के अनुसार यह व्यवस्था 2 मार्च 2026 से सामुदायिक कार्यों में लागू की जा चुकी है और अब इसे 30 मार्च 2026 से व्यक्तिगत लाभार्थी कार्यों तक भी विस्तारित किया जाएगा। सरकार का मानना है कि इस तकनीक के उपयोग से उपस्थिति प्रणाली अधिक पारदर्शी और विश्वसनीय बनेगी और फर्जी, डुप्लिकेट और प्रॉक्सी हाजिरी जैसी समस्याओं पर प्रभावी नियंत्रण लगाया जा सकेगा।
केंद्र सरकार ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को निर्देश दिए हैं कि फील्ड स्तर पर कार्यरत कर्मचारियों जैसे मेट और ग्राम रोजगार सहायकों को इस नई प्रणाली के लिए प्रशिक्षित किया जाए और सभी सक्रिय कर्मचारियों का ई-केवाईसी शीघ्र पूरा कराया जाए। साथ ही फेस ऑथेंटिकेशन से जुड़े प्रावधानों और छूट की जानकारी भी सही तरीके से दी जाए ताकि किसी भी पात्र श्रमिक को रोजगार से वंचित न होना पड़े।
मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया है कि इस व्यवस्था के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए राज्य और जिला स्तर पर नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाएगी और इसे प्राथमिकता के साथ लागू करना होगा। यह आदेश कृषि भवन, नई दिल्ली से सक्षम प्राधिकारी की स्वीकृति के साथ जारी किया गया है, जिस पर भारत सरकार के अवर सचिव अभिषेक कुमार के हस्ताक्षर हैं। देखें आदेश…

