— जिला विकास सलाहकार समिति की बैठक संपन्न
डिंडौरी । जिला विकास सलाहकार समिति की बैठक आज 26 मार्च 2026 को कलेक्टर सभाकक्ष, डिंडौरी में आयोजित की गई। बैठक में नगरीय विकास एवं आवास विभाग की राज्यमंत्री एवं डिंडौरी जिले की प्रभारी मंत्री प्रतिमा बागरी की अध्यक्षता में बैठक संपन्न हुई। बैठक में सांसद लोकसभा क्षेत्र मंडला डॉ. फग्गन सिंह कुलस्ते, विधायक विधानसभा क्षेत्र शहपुरा ओमप्रकाश धुर्वे, विधायक डिंडौरी ओमकार सिंह मरकाम, जिला पंचायत अध्यक्ष रुदेश परस्ते, भाजपा जिला अध्यक्ष चमरू सिंह नेताम, प्रदेश अध्यक्ष अनुसूचित जनजाति मोर्चा पंकज सिंह तेकाम, डॉ. सुनील जैन उपस्थित रहे।
इसके साथ ही जिला विकास सलाहकार समिति के सदस्य एवं जनप्रतिनिधियों में नगर परिषद अध्यक्ष सुनीता, जनपद अध्यक्ष शहपुरा प्रियंका आर्मो, राजू सिंह उददे, हन्नू सिंह पट्टा, श्रीमती पवंती कुशराम, फूल कली मरावी, राम प्रसाद तेकाम उपस्थित रहे। जिला विकास सलाहकार समिति के अन्य सदस्यों में श्री लक्ष्मी नारायण अवधिया, मनोहर सिंह ठाकुर, महेश पाराशर, श्रीमती अंजू जितेंद्र ब्यौहार, गुलाब सिंह ठाकुर, ज्ञानदीप त्रिपाठी, कृष्णा सिंह परमार, अवधराज बिलैया एवं डॉ. मानसिंह करपेती (समाजसेवी) उपस्थित रहे।
साथ ही कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया, पुलिस अधीक्षक वाहिनी सिंह, वनमंडल अधिकारी अशोक कुमार सोलंकी, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत दिव्यांशु चौधरी, अपर कलेक्टर जे.पी. यादव, डिप्टी कलेक्टर वैद्यनाथ वासनिक, अनुविभागीय अधिकारी डिंडोरी सुश्री भारती मेरावी, अन्वेषक अभिषेक बंसल सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक का मुख्य उद्देश्य शासकीय योजनाओं का क्रियान्वयन एवं विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई एवं जिले के समग्र एवं दीर्घकालीन विकास के लिए जनप्रतिनिधियों एवं संबंधित अधिकारियों से विस्तृत कर आवश्यक निर्देश दिए गए। इस दौरान जिले के परंपरागत कौशलों की पहचान कर उन्हें प्रधानमंत्री के “वोकल फॉर लोकल” सिद्धांत के अनुरूप राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया गया।
साथ ही स्थानीय परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए शासकीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, रोजगार सृजन, उद्योग एवं व्यापार को बढ़ावा देने, जल संरचनाओं के संरक्षण, पर्यावरण संरक्षण तथा खनिज संसाधनों के संतुलित उपयोग जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक में जिले के समग्र विकास के लिए कार्ययोजना तैयार करने हेतु आवश्यक सुझाव भी प्रस्तुत किए गए।
बैठक में शहपुरा विधायक ओम प्रकाश धुर्वे ने किसानों के ऑनलाइन पंजीयन की समस्या उठाते हुए बताया कि निर्धारित अवधि के पूर्व पोर्टल लिंक में सर्वर समस्या के कारण जिले के कई किसानों का पंजीयन नहीं हो सका। इस पर प्रभारी मंत्री ने समस्या के त्वरित निराकरण का आश्वासन दिया। स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने जबलपुर-डिंडौरी-अमरकंटक नेशनल हाईवे निर्माण कार्य में गुणवत्ता को लेकर शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि डिंडौरी से शहपुरा और शहपुरा से कुंडम मार्ग का निर्माण डीपीआर के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण नहीं किया जा रहा है। इस पर मंत्री ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कलेक्टर को सड़क निर्माण की गुणवत्ता की गहन जांच कर एक सप्ताह के भीतर प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
जनप्रतिनिधियों द्वारा नहर, डेम एवं तालाबों से किसानों को पर्याप्त पानी उपलब्ध न होने तथा जल संसाधन विभाग द्वारा लापरवाही किए जाने का मुद्दा भी उठाया गया। संबंधित अधिकारी के बिना सूचना अनुपस्थित रहने पर प्रभारी मंत्री ने कड़ी नाराजगी जताते हुए उनके विरुद्ध कार्रवाई कर प्रतिवेदन भोपाल भेजने के निर्देश दिए। विधायक धुर्वे ने बिलगढ़ा, छिंदगांव, मुड़की बांध, दनदना जलाशय एवं नहरों की मरम्मत नहीं होने से सिंचाई प्रभावित होने की बात रखी, जिस पर मंत्री ने कलेक्टर को जांच कर दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
समिति सदस्य डॉ. सुनील जैन ने जिले में शल्य चिकित्सालय की कमी एवं विशेषज्ञ डॉक्टरों के अभाव की समस्या उठाई। उन्होंने बताया कि जिले में 137 डॉक्टरों के पद स्वीकृत हैं, जबकि वर्तमान में मात्र 47 डॉक्टर कार्यरत हैं, जिसके कारण गंभीर मरीजों को बाहर रेफर करना पड़ता है। साथ ही दूरस्थ क्षेत्रों के लिए चलित चिकित्सालय की आवश्यकता भी बताई। इस पर प्रभारी मंत्री ने कलेक्टर को प्रस्ताव तैयार कर भोपाल भेजने के निर्देश दिए तथा विशेषज्ञ डॉक्टरों की शीघ्र उपलब्धता का आश्वासन दिया। डिंडौरी विधायक ओमकार मरकाम ने जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में मोबाइल नेटवर्क की समस्या उठाते हुए बताया कि कई स्थानों पर बीएसएनएल टावर स्थापित होने के बावजूद संचालित नहीं हो रहे हैं। इस पर मंत्री ने समस्या के शीघ्र निराकरण का आश्वासन दिया।
समाचार पत्रों में प्रकाशित अवैध कॉलोनियों में सड़क निर्माण के मामले को भी गंभीरता से लेते हुए मंत्री ने जांच के निर्देश दिए। इसके साथ ही सीवर लाइन निर्माण में गुणवत्ताहीन कार्य की शिकायत पर भी जांच कर संबंधित एजेंसी एवं अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। प्रभारी मंत्री ने स्पष्ट किया कि विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी तथा सभी विभाग जवाबदेही के साथ कार्य करें, जिससे आमजन को योजनाओं का समुचित लाभ मिल सके। उक्त बैठक में विकास समिति के सदस्यों के साथ-साथ विभागीय अधिकारी कर्मचारी एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।





