भोपाल। लोक शिक्षण संचालनालय, गौतम नगर भोपाल द्वारा एक महत्वपूर्ण निर्देश जारी किया गया है। निर्देश में बताया गया है कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 के प्रावधानों के अनुसार माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा पारित आदेश के पालन में प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों को शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) उत्तीर्ण करना अनिवार्य होगा।
— जारी आदेश के मुताबिक
लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा जारी आदेश के अनुसार सिविल अपील क्रमांक 1385/2025, 1386/2025 तथा अन्य समरूप याचिकाओं में 1 सितम्बर 2025 को सर्वोच्च न्यायालय द्वारा पारित आदेश के तहत यह व्यवस्था लागू की गई है। आदेश के अनुसार ऐसे शिक्षक जो शिक्षा का अधिकार अधिनियम लागू होने से पहले नियुक्त हुए हैं और जिनकी सेवानिवृत्ति में 5 वर्ष से अधिक समय शेष है, उन्हें सेवा में बने रहने के लिए दो वर्ष के भीतर शिक्षक पात्रता परीक्षा पास करना अनिवार्य होगा।
यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर संबंधित शिक्षक पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण नहीं करते हैं तो उन्हें सेवा से अलग होना पड़ सकता है। ऐसे मामलों में उन्हें अनिवार्य सेवानिवृत्ति दी जा सकती है और नियमानुसार मिलने वाले सेवानिवृत्ति लाभ प्रदान किए जाएंगे, बशर्ते उन्होंने पात्र सेवा अवधि पूरी की हो।
संचालक लोक शिक्षण ने सभी संभागीय संयुक्त संचालकों और जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि प्राथमिक और माध्यमिक स्तर के सभी ऐसे शिक्षकों को सूचित किया जाए जिन्होंने अभी तक पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण नहीं की है।
निर्देश में यह भी बताया गया है कि प्राथमिक और माध्यमिक स्तर के शिक्षकों के लिए पात्रता परीक्षा का आयोजन संभावित रूप से जुलाई और अगस्त 2026 में किया जा सकता है। इसलिए संबंधित शिक्षकों को समय रहते परीक्षा में शामिल होने के लिए सूचना देना सुनिश्चित करने को कहा गया है। इस संबंध में आदेश की प्रतिलिपि स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव तथा जनजातीय कार्य विभाग के आयुक्त को भी सूचनार्थ भेजी गई है। देखें आदेश…

सोर्स:— लोक शिक्षण संचालनालय, मध्यप्रदेश ।
