भोपाल। मध्यप्रदेश के लोक शिक्षण संचालनालय, भोपाल ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देशित किया है कि विद्यालय परिसरों में कुत्तों के काटने और उनसे होने वाली घटनाओं की रोकथाम के लिए प्रत्येक विद्यालय में नोडल अधिकारी की तैनाती अनिवार्य रूप से की जाए। लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा जारी पत्र में बताया गया है कि यह कदम माननीय उच्चतम न्यायालय द्वारा दिये गये दिशा-निर्देशों के अनुपालन में उठाया गया है। उच्चतम न्यायालय की SLP (Civil) Nos. 14763, 17623, 45707 और अन्य में स्कूल परिसरों में सुरक्षा और आवारा कुत्तों से बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आदेश दिए गए थे।

लोक शिक्षण संचालनालय के संचालक डी.एस. कुशवाह ने कहा कि पहले जारी निर्देशों के बावजूद कई विद्यालयों में नोडल अधिकारी के नामांकन में विलंब देखा गया। इसलिए अब सभी विद्यालयों के प्राचार्य/संस्था प्रधान को स्वयं नोडल अधिकारी के रूप में नामांकित किया गया है। पत्र में स्पष्ट किया गया है कि नोडल अधिकारी की जिम्मेदारी विद्यालय परिसर में आवारा कुत्तों की गतिविधियों पर निगरानी रखना, सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करना और किसी भी अप्रिय घटना की रिपोर्ट करना होगी। संचालनालय ने यह भी निर्देशित किया कि प्रत्येक विद्यालय में कम से कम एक लोक सेवक को नोडल अधिकारी के रूप में नियुक्त किया जाए।
लोक शिक्षण संचालनालय का मानना है कि इस आदेश से न केवल विद्यालय परिसर की सुरक्षा बढ़ेगी, बल्कि आवारा कुत्तों के काटने से होने वाली घटनाओं में सटीक और त्वरित रोकथाम भी संभव होगी। जिला शिक्षा अधिकारी अब आदेश के पालन के लिए अपने-अपने जिलों के सभी विद्यालयों से तुरंत रिपोर्ट मांग सकते हैं, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि निर्देश प्रभावी रूप से लागू हो रहे हैं। इस प्रकार यह कदम बच्चों की सुरक्षा और स्कूल परिसरों में सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
सोर्स:- लोक शिक्षण संचालनालय भोपाल।
