भोपाल। लोक शिक्षण संचालनालय, मध्यप्रदेश ने एजूकेशन पोर्टल 3.0 पर लोकसेवकों (शिक्षकों) की ई-सेवा पुस्तिका के संधारण, अद्यतन और सत्यापन को लेकर सख्त निर्देश जारी किए हैं। संचालनालय ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को आदेश दिए हैं कि निर्धारित समयसीमा में कार्यवाही पूरी कराई जाए, अन्यथा इसे अनुशासनहीनता मानते हुए संबंधित अधिकारियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
संचालनालय के अनुसार 14 अक्टूबर 2025 को जारी पत्र के माध्यम से शिक्षकों की पदस्थापना संस्था, पदनाम और विषय के सत्यापन के निर्देश दिए गए थे, लेकिन कई जिलों में अब तक यह प्रक्रिया पूर्ण नहीं हुई है। इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए सभी विकासखण्ड शिक्षा अधिकारियों और संकुल प्राचार्यों को निर्देशित किया गया है कि 12 जनवरी 2026 तक समस्त लोकसेवकों का प्रमाणीकरण अनिवार्य रूप से पूरा कराया जाए।

आदेश में यह भी कहा गया है कि जो शिक्षक एजूकेशन पोर्टल 3.0 पर पंजीकृत नहीं हैं, उनका पंजीकरण जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा जिले के लॉगिन से किया जाएगा। नियुक्ति आदेश सहित संचालनालय को ऑनलाइन अनुरोध भेजने के बाद संचालनालय स्तर से शिक्षक की यूनिक आईडी जनरेट की जाएगी। यह प्रक्रिया 14 जनवरी 2026 तक पूर्ण करना अनिवार्य किया गया है।
इसके अलावा सभी पंजीकृत शिक्षकों को अपनी लॉगिन आईडी से ई-सेवा पुस्तिका में दर्ज व्यक्तिगत जानकारी को अद्यतन करना होगा तथा समग्र ई-केवाईसी की प्रक्रिया पूरी करनी होगी। संकुल प्राचार्य द्वारा सेवा अभिलेख से मिलान कर सत्यापन के बाद विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी द्वारा जानकारी को स्वीकृत किया जाएगा। यह पूरी कार्यवाही 24 जनवरी 2026 तक अनिवार्य रूप से पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।
लोक शिक्षण संचालनालय ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी शिक्षक की संस्था, पदनाम या विषय से संबंधित जानकारी में किसी भी प्रकार की विसंगति पाई जाती है, तो इसके लिए संबंधित संकुल प्राचार्य जिम्मेदार होंगे। संचालनालय ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों से निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराने को कहा गया है।
