भोपाल। प्रदेश के सभी शासकीय एवं अशासकीय स्कूलों की सटीक भौगोलिक पहचान सुनिश्चित करने के लिए अब GIS तकनीक का उपयोग किया जाएगा। राज्य शिक्षा केन्द्र, भोपाल द्वारा सभी जिलों के कलेक्टरों को निर्देश जारी करते हुए कहा गया है कि “UDISE Plus GIS Capture Mobile App” के माध्यम से प्रदेश के प्रत्येक स्कूल की GIS मैपिंग अनिवार्य रूप से की जाए।
भारत सरकार के स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग (DOSE&L) द्वारा 2 दिसंबर 2025 को यह मोबाइल एप्लिकेशन लॉन्च किया गया है, जिसके माध्यम से विद्यालयों के वास्तविक स्थान का फोटोग्राफिक साक्ष्य सहित अक्षांश (Latitude) एवं देशांतर (Longitude) कैप्चर किया जाएगा। यह डाटा स्वतः संबंधित विद्यालय के UDISE+ पोर्टल से लिंक रहेगा। राज्य शिक्षा केन्द्र ने स्पष्ट किया है कि GIS ऐप में लॉगिन के लिए स्कूलों को अपने UDISE+ यूजर आईडी और पासवर्ड का उपयोग करना होगा। एप्लिकेशन एंड्रॉयड और आईओएस दोनों प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध है।

निर्देशों के अनुसार जिला शिक्षा अधिकारी एवं जिला परियोजना समन्वयक संयुक्त बैठक आयोजित कर ADPC एवं BRCCs को प्रशिक्षण (लाइव डेमो सहित) प्रदान करेंगे, ताकि जिले के सभी स्कूलों की GIS मैपिंग समय-सीमा में पूर्ण की जा सके। GIS मैपिंग की स्वीकृति जिला MIS स्तर से की जाएगी, जिसमें फोटोग्राफिक साक्ष्य और सटीक लोकेशन के लिए जिला MIS को जवाबदेह ठहराया गया है।
राज्य शिक्षा केन्द्र ने सभी जिलों को 14 जनवरी 2026 तक शत-प्रतिशत स्कूलों की GIS मैपिंग पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं। इस संबंध में आवश्यक तकनीकी सहयोग, समन्वय और प्रगति रिपोर्ट तैयार करने की जिम्मेदारी भी जिला MIS को सौंपी गई है। यह आदेश आयुक्त लोक शिक्षण एवं संचालक के अनुमोदन उपरांत अपर संचालक राज्य शिक्षा केन्द्र द्वारा जारी किया गया है।
