— गैर पंजीकृत व्यक्ति द्वारा दवा वितरण पर होगी सख्त कार्रवाई: म.प्र. स्टेट फार्मेसी काउंसिल की चेतावनी
भोपाल। मध्यप्रदेश राज्य फार्मेसी काउंसिल, भोपाल ने प्रदेश के सभी चिकित्सालयों, फार्मेसियों और मेडिकल स्टोर संचालकों को चेतावनी जारी की है कि केवल पंजीकृत फार्मासिस्ट ही चिकित्सकों के प्रिस्क्रिप्शन पर दवाइयों का वितरण (डिस्पेंसिंग) कर सकते हैं। किसी गैर-पंजीकृत व्यक्ति द्वारा दवाइयों का विक्रय या वितरण किया जाना फार्मेसी अधिनियम 1948 के तहत दंडनीय अपराध है।
—जारी आदेश के मुताबिक
काउंसिल की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि यदि कोई व्यक्ति बिना पंजीकरण के दवा वितरण करते पाया जाता है, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। केंद्रीय सरकार द्वारा पारित “जन विश्वास (संशोधन) अधिनियम, 2023” के तहत फार्मेसी अधिनियम 1948 की धारा 42 में संशोधन किया गया है। संशोधित प्रावधानों के अनुसार, किसी गैर-पंजीकृत व्यक्ति द्वारा दवा डिस्पेंसिंग करते पाए जाने पर तीन माह तक की सजा, दो लाख रुपये तक का जुर्माना, या दोनों का प्रावधान है।

काउंसिल ने यह भी स्पष्ट किया है कि अत्यंत गंभीर परिस्थितियों में संबंधित पंजीकृत फार्मासिस्ट का रजिस्ट्रेशन निरस्त किया जा सकता है। काउंसिल ने सभी जिला मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों (CMHO) को निर्देश दिए हैं कि अपने-अपने जिलों में इस आदेश का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करें।





