मध्यप्रदेश के डिंडौरी जिले के जनपद पंचायत शहपुरा में अध्यक्ष प्रियंका आर्मो के विरुद्ध लाए गए अविश्वास प्रस्ताव को लेकर बुधवार को दिनभर तनाव का माहौल बना रहा। जनपद सदस्यों ने आरोप लगाया कि सरपंच संघ से जुड़े कुछ सरपंचों ने मतदान के दिन उन्हें भयभीत करने, नारेबाजी करने और मारपीट की धमकी देने जैसी हरकतें कीं। इस पूरे मामले को लेकर जनपद सदस्यों ने अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) शहपुरा को ज्ञापन सौंपकर दोषियों पर एफआईआर दर्ज करने की मांग की है।
— हाईकोर्ट ने मतदान पर लगाई रोक
जनपद सदस्यों के अनुसार, अध्यक्ष प्रियंका आर्मो के कार्यों से असंतुष्ट होकर कुल 8 सदस्यों ने कलेक्टर डिंडौरी को अविश्वास प्रस्ताव की सूचना दी थी। जनपद में कुल 17 सदस्य हैं। प्रस्ताव पर 8 अक्टूबर को मतदान होना था, लेकिन एक दिन पहले ही माननीय उच्च न्यायालय जबलपुर ने W.P. No. 39524/2025 में आदेश जारी कर मतदान प्रक्रिया पर रोक लगा दी। बुधवार को पीठासीन अधिकारी ने जनपद कार्यालय पहुंचकर सभी 16 उपस्थित सदस्यों को यह जानकारी दी, जिसके बाद मतदान की प्रक्रिया स्थगित कर दी गई।
— सरपंचों ने गेट पर लगाया घेरा, लगाए नारे
जनपद सदस्यों ने बताया कि कार्यवाही स्थगित होने के बाद जब वे कार्यालय से बाहर निकल रहे थे, तभी सरपंच संघ के अध्यक्ष राजू कुशराम (घुघुवा), लखन परस्ते (मालपुर), कृष्णकुमार ओटिये (कंचनपुर), कन्हैया भवेदी (भिम्पार), मनोज मार्को (देवगांव), रमेश सिंह (अम्हाई देवरी), नानसिंह मार्को (संग्रामपुर) और भागसिंह वरकड़े (कटंगी) सहित अन्य सरपंच बड़ी संख्या में जनपद गेट पर एकत्र हो गए। सभी सरपंच “अध्यक्ष प्रियंका के सामने सरपंच संघ मैदान में” जैसे नारे लगाते हुए सदस्यों को बाहर निकलने से रोक रहे थे। सदस्यों के अनुसार, उन्हें दौड़ाकर मारपीट की धमकी भी दी गई।
— एसडीएम के हस्तक्षेप से खुला रास्ता
स्थिति बिगड़ते देख जनपद सदस्यों ने एसडीएम शहपुरा को सूचना दी। निर्देश पर पुलिस मौके पर पहुंची और सरपंचों को वहां से हटाया गया। इसके बाद एसडीएम की मौजूदगी में जनपद सदस्यों को सुरक्षा प्रदान करते हुए थाना शहपुरा तक पहुंचाया गया। हालांकि, सदस्यों का कहना है कि थाना प्रभारी ने एफआईआर दर्ज करने से इनकार करते हुए केवल आवेदन देने की बात कही।
— पहले भी दी गई थी धमकी, नहीं हुई कार्रवाई
सदस्यों ने बताया कि इससे पूर्व भी सरपंच संघ की बैठक में अविश्वास प्रस्ताव का समर्थन करने वाले सदस्यों को गालियां दी गई थीं और धमकाया गया था। इसकी शिकायत थाना शहपुरा में दी गई थी, लेकिन उस पर भी कोई कार्रवाई नहीं हुई।
— जनपद सदस्यों ने मांगी सुरक्षा
ज्ञापन में सदस्यों ने अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई तो वे आंदोलन करने और माननीय उच्च न्यायालय की शरण लेने को बाध्य होंगे। ज्ञापन पर हस्ताक्षर करने वालों में देवकरन परस्ते, सरोज बाई परस्ते, टेकेश्वर साहू, मोती बाई तेकाम, जितेन्द्र चंदेल, देवीदीन झारिया, चमरा सिंह तिलगाम, दीपा परस्ते, ज्योति परस्ते, कीर्ति साहू, हरिसिंह आर्मो और शांति धुर्वे शामिल हैं।
— पुलिस प्रशासन की भूमिका पर उठे सवाल
लगातार घटनाओं के बावजूद पुलिस द्वारा कोई ठोस कदम न उठाए जाने से जनपद सदस्यों में रोष व्याप्त है। उनका कहना है कि यदि इस तरह की घटनाओं को अनदेखा किया गया तो जनपद पंचायत का वातावरण दूषित हो जाएगा और लोकतांत्रिक व्यवस्था पर प्रश्नचिह्न खड़ा हो जाएगा।





