— वन स्टॉप सेंटर में 218 प्रकरण मिले, महिलाओं तक सेवाओं की जानकारी पहुंचाने पर जोर
डिंडौरी। जिला स्वास्थ्य एवं पोषण समिति, जिला बाल संरक्षण समिति तथा जिला स्तरीय समन्वय समिति (वन स्टॉप सेंटर) की संयुक्त बैठक गुरुवार को कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में स्वास्थ्य एवं महिला एवं बाल विकास विभाग से जुड़ी विभिन्न योजनाओं और सेवाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ समय पर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
बैठक में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मनोज पाण्डेय, जिला कार्यक्रम अधिकारी श्याम सिंगौर सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने विभागीय योजनाओं की प्रगति और जमीनी स्तर पर किए जा रहे कार्यों की जानकारी कलेक्टर के समक्ष प्रस्तुत की।
वन स्टॉप सेंटर में 218 प्रकरण
वन स्टॉप सेंटर की सेवाओं की समीक्षा के दौरान बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में सेंटर में कुल 218 प्रकरण प्राप्त हुए, जिनमें अधिकांश मामले महिला हेल्पलाइन 181 के माध्यम से सामने आए। कलेक्टर ने सेवा से संकल्प अभियान, जन सेवा शिविर और महिला जागरूकता कार्यक्रमों के दौरान वन स्टॉप सेंटर की सेवाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए।
उन्होंने परामर्श के माध्यम से सुलझाए गए मामलों की सफलता की कहानियों को भी सामने लाने को कहा, ताकि जरूरतमंद महिलाओं को सेंटर की उपलब्ध सेवाओं की जानकारी मिल सके और वे आवश्यकता पड़ने पर सहायता प्राप्त कर सकें।
बाल संरक्षण मामलों में संवेदनशीलता के निर्देश
जिला बाल संरक्षण समिति की बैठक में बाल कल्याण समिति और किशोर न्याय बोर्ड में प्राप्त प्रकरणों की समीक्षा की गई। इस दौरान पीएम केयर्स एवं कोविड-19 से प्रभावित बच्चों से संबंधित सफलता की कहानियों के प्रचार-प्रसार पर भी जोर दिया गया।
कलेक्टर ने अधिकारियों को बाल संरक्षण से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता के साथ कार्रवाई करने तथा पात्र बच्चों को शासन की योजनाओं और आवश्यक सेवाओं का लाभ उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
आंगनवाड़ी से लेकर पोषण ट्रैकर तक समीक्षा
जिला स्वास्थ्य एवं पोषण समिति की बैठक में आंगनवाड़ी केंद्रों में बच्चों और महिलाओं की स्वास्थ्य एवं पोषण स्थिति की समीक्षा की गई। इसके साथ ही 3 से 6 वर्ष के नवीन बच्चों के पंजीयन, मुख्यमंत्री बाल आरोग्य संवर्धन योजना, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, लाड़ली लक्ष्मी योजना, पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी), प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल एवं शिक्षा (ईसीसीई) और पोषण ट्रैकर सहित विभिन्न योजनाओं की प्रगति पर चर्चा हुई।
कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया ने अधिकारियों को योजनाओं के क्रियान्वयन की नियमित निगरानी करने, कमियों को समय रहते दूर करने और पात्र हितग्राहियों को बिना देरी के योजनाओं का लाभ दिलाने के निर्देश दिए। उन्होंने विभागीय योजनाओं का लाभ वास्तविक जरूरतमंदों तक पहुंचाने और मैदानी स्तर पर प्रभावी मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया।
