डिंडौरी। स्वतंत्रता दिवस के मौके पर डिंडौरी जिले से सामने आई दो तस्वीरें सरकारी व्यवस्थाओं और जिम्मेदार अधिकारियों-कर्मचारियों की कार्यशैली को लेकर चर्चा का विषय बन गई हैं। एक तस्वीर में बच्चे कीचड़ से भरे परिसर के बीच प्रभात फेरी निकालते दिखाई दे रहे हैं, जबकि दूसरी तस्वीर में शासकीय कार्यालय परिसर में ध्वजारोहण के बाद महिला कर्मचारियों की फिल्मी गीत पर बनाई गई रील सोशल मीडिया पर सामने आई है।
पहला मामला डिंडौरी जनपद की बरगई ग्राम पंचायत का बताया जा रहा है। 15 अगस्त को यहां बच्चे प्रभात फेरी निकालते नजर आए। पंचायत और स्कूल परिसर में कीचड़ होने के बावजूद बच्चों को इसी रास्ते से गुजरना पड़ा। स्वतंत्रता दिवस जैसे महत्वपूर्ण राष्ट्रीय पर्व पर भी परिसर की यह स्थिति व्यवस्थाओं की पोल खोलती नजर आई। ग्रामीणों ने परिसर की साफ-सफाई और व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए हैं।
इसी बीच समनापुर स्थित महिला एवं बाल विकास विभाग के कार्यालय से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। बताया जा रहा है कि ध्वजारोहण के बाद विभाग से जुड़े कर्मचारियों ने कार्यालय परिसर में वीडियो रील बनाई। रील में फिल्मी गीत आज रुसवा तेरी गलियों में मोहब्बत होगी का इस्तेमाल किया गया है। वीडियो में कई महिला कर्मचारी नृत्य करती दिखाई दे रही हैं और पीछे विभाग का शासकीय भवन साफ नजर आ रहा है।

वीडियो के सामने आने के बाद सबसे बड़ा सवाल शासकीय परिसर के इस्तेमाल को लेकर उठ रहा है। कर्मचारियों द्वारा इसे निजी सोशल मीडिया अकाउंट पर साझा किया गया है, लेकिन वीडियो की पृष्ठभूमि में सरकारी कार्यालय दिखाई देने के कारण विभाग की कार्यशैली और सार्वजनिक छवि को लेकर सवाल उठना स्वाभाविक है।
बदहाल भवन भी बना चर्चा का कारण
रील के साथ-साथ वीडियो में दिखाई दे रहा शासकीय भवन और उसका परिसर भी लोगों के बीच चर्चा का विषय है। भवन की रंगाई-पुताई और रखरखाव की स्थिति को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। लोगों का कहना है कि यदि इसी परिसर में स्वच्छता, पौधारोपण, आंगनबाड़ी केंद्रों की बेहतर व्यवस्था या महिला-बाल कल्याण योजनाओं से जुड़ा जागरूकता संदेश दिया जाता तो इसका समाज में सकारात्मक प्रभाव पड़ता।
महिला एवं बाल विकास विभाग के मैदानी अमले की जिम्मेदारी आंगनबाड़ी केंद्रों की निगरानी, बच्चों और महिलाओं से जुड़ी योजनाओं की मॉनिटरिंग तथा कार्यकर्ताओं को मार्गदर्शन देने की होती है। ऐसे में स्वतंत्रता दिवस जैसे राष्ट्रीय पर्व पर विभागीय कर्मचारियों की गतिविधियों को लेकर लोगों की अपेक्षा रहती है कि उनसे जनहित और जागरूकता का संदेश सामने आए।
अब अधिकारियों के संज्ञान का इंतजार
एक तरफ बच्चे कीचड़ के बीच राष्ट्रीय पर्व की प्रभात फेरी निकालने को मजबूर दिखाई दिए, तो दूसरी तरफ सरकारी परिसर में फिल्मी गीत पर बनाई गई रील चर्चा में आ गई। इन दोनों तस्वीरों ने व्यवस्था और जिम्मेदारी को लेकर बहस छेड़ दी है।
अब देखना होगा कि महिला एवं बाल विकास विभाग के वरिष्ठ अधिकारी सामने आए वीडियो को लेकर कोई स्पष्टीकरण लेते हैं या नहीं। साथ ही बरगई में बच्चों के लिए बेहतर व्यवस्था और समनापुर स्थित शासकीय भवन की साफ-सफाई एवं रखरखाव को लेकर जिम्मेदार अधिकारी क्या कदम उठाते हैं।
