Big Breaking : डिंडौरी को मिली 77 नए आंगनवाड़ी भवनों की सौगात, ₹11.22 लाख प्रति भवन की दर से होंगे निर्माण कार्य….

Rathore Ramshay Mardan
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महिला एवं बाल विकास विभाग ने जारी किए निर्देश, तकनीकी स्वीकृति के बाद जल्द शुरू होंगे निर्माण कार्य

डिंडौरी। जिले में महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में आंगनवाड़ी सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में बड़ी पहल की गई है। वित्तीय वर्ष 2025-26 के राज्य आयोजना मद के अंतर्गत जिले के विभिन्न विकासखंडों में 77 नए आंगनवाड़ी भवनों के निर्माण को स्वीकृति प्रदान की गई है। प्रत्येक भवन के निर्माण पर ₹11.22 लाख की राशि व्यय की जाएगी। इसके साथ ही विभाग ने निर्माण कार्यों की प्रक्रिया को गति देने के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं।

 

जिला कार्यक्रम अधिकारी, महिला एवं बाल विकास, डिंडौरी द्वारा जारी आदेश के अनुसार महिला एवं बाल विकास संचालनालय, भोपाल के पत्र क्रमांक SAPS/2026/1084 दिनांक 18 मार्च 2026 के निर्देशों के पालन में जिले के लिए कुल 77 आंगनवाड़ी भवन निर्माण कार्यों को स्वीकृति मिली है। इन भवनों के निर्माण के लिए संबंधित एजेंसियों को तत्काल प्राक्कलन (Estimate) एवं तकनीकी स्वीकृति तैयार कर जिला कार्यालय को भेजने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि प्रशासनिक स्वीकृति जारी कर निर्माण कार्य प्रारंभ कराया जा सके।

 

आदेश में कार्यपालन यंत्री, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा तथा जिले की सभी जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि स्वीकृत भवनों के लिए आवश्यक तकनीकी प्रक्रिया शीघ्र पूर्ण करें। इसके साथ ही सभी परियोजना अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि भवन निर्माण के लिए उपयुक्त शासकीय भूमि का चयन, पटवारी से समन्वय कर भूमि का नक्शा एवं खसरा नंबर उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें, जिससे निर्माण कार्यों में किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो।

 

विभाग द्वारा जारी सूची के अनुसार जिले के डिंडौरी, शहपुरा, मेंहदवानी, अमरपुर, समनापुर, बजाग और करंजिया विकासखंडों की विभिन्न ग्राम पंचायतों में नए आंगनवाड़ी भवन बनाए जाएंगे। इन भवनों के निर्माण से लंबे समय से किराए या जर्जर भवनों में संचालित हो रहे कई आंगनवाड़ी केंद्रों को स्थायी एवं सुरक्षित भवन उपलब्ध होंगे।

 

आंगनवाड़ी केंद्र ग्रामीण क्षेत्रों में बच्चों के पोषण, पूर्व-प्राथमिक शिक्षा, टीकाकरण, गर्भवती एवं धात्री महिलाओं की स्वास्थ्य सेवाओं तथा पोषण कार्यक्रमों के संचालन का प्रमुख माध्यम हैं। ऐसे में नए भवन बनने से इन सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार होने के साथ-साथ हितग्राहियों को बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी।

 

यदि सभी 77 भवन निर्धारित समयसीमा में तैयार होते हैं, तो जिले में आंगनवाड़ी सेवाओं के बुनियादी ढांचे को बड़ी मजबूती मिलेगी। इससे बच्चों के सर्वांगीण विकास, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं के प्रभावी संचालन तथा ग्रामीण क्षेत्रों में सरकारी योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन को भी बल मिलेगा।

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