— खनिज नियमों के उल्लंघन पर प्रशासन सख्त, कई खदान संचालकों पर जुर्माना और पट्टे निरस्त
डिंडौरी। जिले में खनिज नियमों के उल्लंघन पर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए कई उत्खनिपट्टा धारकों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया के निर्देश पर खनिज विभाग द्वारा स्वीकृत खदानों की जांच के दौरान अनियमितता पाए जाने पर अर्थदण्ड लगाने, प्रतिभूति राशि राजसात करने तथा पट्टे निरस्त करने की कार्रवाई की गई।
खनिज विभाग से मिली जानकारी के अनुसार मेसर्स अनुराग स्टोन क्रेशर के प्रोपराइटर संदीप रजक निवासी शहपुरा, उत्तम साहू निवासी बजाग और शैलेन्द्र कुशवाह निवासी गुना के स्वीकृत उत्खनिपट्टों में म.प्र. गौण खनिज नियमों का उल्लंघन पाया गया। इसके बाद संबंधित पट्टेदारों को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए उनकी जमा प्रतिभूति राशि शासन पक्ष में राजसात कर ली गई।
वहीं ग्राम खिरसारी में अवैध भण्डारण पाए जाने पर श्रीमती सुमित्रा चौकसे निवासी लीलीटोला पर 4 लाख 43 हजार 100 रुपये का अर्थदण्ड लगाया गया। इसके अलावा शारदा राय निवासी शहपुरा द्वारा ग्राम शक्तिभगदू रैयत तहसील शहपुरा स्थित उत्खनिपट्टा क्षेत्र में ई-टीपी के दुरुपयोग का मामला सामने आने पर उन पर 3 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया। साथ ही शहपुरा स्थित स्वीकृत भण्डारण स्थल में अनियमितता पाए जाने पर उनकी 25 हजार रुपये की प्रतिभूति राशि भी शासन पक्ष में राजसात कर दी गई।
खनिज विभाग ने बताया कि इससे पहले भी मेसर्स परमार कंस्ट्रक्शन पर उत्खनिपट्टा की शर्तों का उल्लंघन करने पर 4 लाख रुपये का अर्थदण्ड लगाया जा चुका है। इसके अतिरिक्त नियमों के उल्लंघन पर प्रकाश राय ग्राम अण्डई, आर.एस. मिनरल्स ग्राम कमरासोंढा, प्रमोद साहू ग्राम करौंदा तथा प्रभात अग्रवाल ग्राम धौरई के स्वीकृत उत्खनिपट्टे निरस्त कर दिए गए हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिले में अवैध उत्खनन, भण्डारण और खनिज नियमों के उल्लंघन के खिलाफ आगे भी लगातार कार्रवाई जारी रहेगी।



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