Dindori News : साल से अधूरी पड़ी जल योजना पर ग्रामीणों का फूटा गुस्सा, जांच और कार्रवाई की मांग….

Rathore Ramshay Mardan
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ददरगाँव में जल संकट पर बवाल! करोड़ों की योजना फेल, ग्रामीणों ने खोला मोर्चा

 

डिंडौरी। जिले के जनपद पंचायत करंजिया अंतर्गत ग्राम पंचायत उमरिया के पोषक ग्राम ददरगाँव में पेयजल संकट को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश खुलकर सामने आया। भीषण गर्मी के बीच पानी की समस्या से जूझ रहे ग्रामीण बड़ी संख्या में जनपद पंचायत करंजिया के अध्यक्ष राजू सिंह उद्दे के समक्ष पहुंचे और जल जीवन मिशन के तहत किए गए निर्माण कार्यों में अनियमितता तथा लापरवाही का आरोप लगाते हुए दोषियों पर कार्रवाई की मांग की।

 

ग्रामीणों ने बताया कि गांव में निर्मित पानी की टंकी और पाइप लाइन निर्माण कार्य गुणवत्ता विहीन है। कई स्थानों पर पाइप लाइन क्षतिग्रस्त पड़ी हुई है, जिसके कारण घरों तक पानी नहीं पहुंच पा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि निर्माण कार्य लगभग दो वर्षों से अधूरा पड़ा हुआ है और अब तक गांव में नियमित पेयजल आपूर्ति शुरू नहीं हो सकी है।

 

ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि निर्माण एजेंसी और ठेकेदार की लापरवाही के कारण योजना का लाभ लोगों को नहीं मिल पा रहा है। गर्मी के मौसम में हालात और गंभीर हो गए हैं। गांव की महिलाएं, बुजुर्ग और बच्चे दूर-दूर स्थित हैंडपंपों से पानी लाने को मजबूर हैं। ग्रामीणों का कहना है कि योजना में निम्न गुणवत्ता की सामग्री का उपयोग किया गया, जिसके कारण निर्माण कार्य शुरू होने के कुछ समय बाद ही खराब होने लगा।

 

मामले की जानकारी मिलने पर जनपद पंचायत अध्यक्ष राजू सिंह उद्दे मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को तत्काल जांच करने के निर्देश देते हुए कहा कि सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल व्यवस्था सुदृढ़ करने के लिए करोड़ों रुपये खर्च कर रही है, लेकिन यदि किसी ठेकेदार या एजेंसी द्वारा घटिया निर्माण कार्य किया गया है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

 

उन्होंने स्पष्ट कहा कि जनता के पैसों का दुरुपयोग किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। दोषी पाए जाने वाले ठेकेदारों और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। साथ ही अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि अधूरे कार्यों को शीघ्र पूरा कर गांव में पेयजल व्यवस्था सुचारु रूप से शुरू कराई जाए, ताकि ग्रामीणों को राहत मिल सके। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए मजबूर होंगे। गांववासियों को अब जांच रिपोर्ट और प्रशासनिक कार्रवाई का इंतजार है।

 

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